नई दिल्ली : दिल्ली की सुबह आज भय और चिंता के माहौल के बीच शुरू हुई। बुधवार को राजधानी के 50 से अधिक प्रतिष्ठित स्कूलों को एक साथ ईमेल के जरिए बम धमकी मिली। इन मेल्स में लिखा गया कि स्कूल परिसरों में विस्फोटक लगाए गए हैं। जैसे ही यह सूचना सामने आई, शहर में हड़कंप मच गया। अभिभावक, छात्र और शिक्षक सभी दहशत में आ गए।
सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और बम डिस्पोजल टीम (BDDS), डॉग स्क्वॉड और फायर डिपार्टमेंट की टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रत्येक स्कूल को खाली करवाया गया और बच्चों को सुरक्षित घर भेजा गया।
सुबह करीब 8:30 बजे कई स्कूलों के आधिकारिक ईमेल पर धमकी भरे संदेश आने शुरू हुए। सबसे पहले कुछ स्कूलों के प्रशासन ने ईमेल नोटिस किया और तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। धीरे-धीरे यह खबर पूरे शहर में आग की तरह फैल गई कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में दर्जनों स्कूलों को बम की धमकी मिली है।
करोलबाग, द्वारका, मालवीय नगर, दक्षिण दिल्ली और उत्तरी दिल्ली के स्कूल भी इस धमकी की जद में बताए गए।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा के निर्देश पर सभी जिला पुलिस को अलर्ट पर रखा गया। जोनवार बम डिस्पोजल टीमों और डॉग स्क्वॉड को संबंधित स्कूलों में भेजा गया।
धमकी की खबर जैसे ही बाहर आई, स्कूलों के बाहर अभिभावकों की भीड़ लग गई। हर कोई अपने बच्चे को सुरक्षित निकालने की जल्दी में था। कई जगहों पर अभिभावकों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि यातायात बाधित हो गया।
एक अभिभावक ने बताया – “सुबह अचानक फोन आया कि स्कूल खाली करवाया जा रहा है। दिल की धड़कन बढ़ गई। हम तुरंत स्कूल पहुंचे और बच्चे को लेकर घर आए।”
हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया, लेकिन छोटे बच्चों के मन पर इस घटना का गहरा असर पड़ा। अचानक क्लासरूम से बाहर निकाले जाने और स्कूल के बाहर पुलिस-फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को देखकर कई बच्चे घबरा गए। कुछ बच्चों ने रोना शुरू कर दिया, जबकि बड़े छात्रों में भी डर और बेचैनी देखी गई।
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने धमकी भरे ईमेल की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पाया गया है कि ईमेल विदेशी सर्वर से भेजे गए हैं। पुलिस ने मेल्स की IP ट्रैकिंग के लिए केंद्रीय एजेंसियों से भी संपर्क किया है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर ऐसी धमकियां स्पैम मेल के जरिए भेजी जाती हैं और इनका उद्देश्य केवल डर फैलाना होता है। लेकिन जब एक साथ इतने बड़े पैमाने पर मेल भेजे जाएं, तो यह संगठित प्रयास हो सकता है।
दिल्ली सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। शिक्षा मंत्री ने कहा – “बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। सभी स्कूलों में सुरक्षा जांच की जा रही है और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।”
दिल्ली पुलिस ने भी स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी स्कूल से कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन जांच पूरी तरह से चल रही है।
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली के स्कूलों को बम की धमकी मिली हो। पिछले कुछ वर्षों में समय-समय पर अलग-अलग स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। ज्यादातर मामलों में यह झूठी साबित हुईं, लेकिन हर बार पुलिस को पूरी गंभीरता से जांच करनी पड़ती है
दिल्ली यातायात पुलिस ने अलर्ट जारी कर लोगों से अपील की कि अनावश्यक रूप से स्कूलों के पास भीड़ न लगाएं और केवल अधिकृत सूचना पर ही भरोसा करें।
इस तरह की घटनाएं अक्सर ‘फिशिंग’ और ‘ईमेल स्पूफिंग’ के जरिए की जाती हैं। मेल का स्रोत किसी दूसरे देश का दिखाया जा सकता है, जबकि वह कहीं और से भेजा गया हो।
मनोवैज्ञानिक और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में घबराने के बजाय संयम रखना चाहिए। बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि यह केवल धमकी है, वास्तविक खतरा नहीं।
अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल स्कूल प्रशासन या पुलिस की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
दिल्ली के 50 से अधिक स्कूलों को बम धमकी मिलना एक बेहद गंभीर घटना है। भले ही शुरुआती जांच में इसे झूठी धमकी माना जा रहा है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि डिजिटल युग में साइबर अपराध और फर्जी मेल्स भी सामाजिक सुरक्षा को चुनौती दे सकते हैं। प्रशासन, स्कूल और अभिभावक—तीनों को मिलकर सतर्क रहना होगा ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
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