प्रयागराज। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर क्लब के संस्थापक/ संयोजक विरेन्द्र पाठक के नेतृत्व में एडीजी जोन प्रयागराज भानु भास्कर से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। इस पर एडीजी जोन ने पत्रकारों की सुरक्षा और उनका उत्पीड़न न किए जाने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप माफिया द्वारा अवैध कब्जा खाली कराया जा रहा है, किंतु माफिया के गुर्गे कुछ पुलिस वालों की मिलीभगत से पुनः जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। जब इसका समाचार चलता है, तो वे पत्रकारों के खिलाफ फर्जी शिकायतें करते हैं। ऐसी ही एक घटना गौस नगर करेली 12 मार्किट में हुई, जहाँ कब्जे की खबर प्रसारित होने पर कतिपय पुलिस वालों से सांठ-गांठ कर दलालों ने पत्रकार के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई।
पत्रकारों ने उच्च अधिकारियों से मांग की कि बिना नाम वाली शिकायतों की जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि पुलिस और पत्रकारों को परेशान करने के लिए कौन शिकायत कर रहा है। साथ ही उन भ्रष्ट पुलिस वालों की भी जांच की जाए जिनका गठजोड़ अवैध कब्जा करने, बस अड्डा, खनन और पासर गैंग से है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पत्रकारों ने एडीजी जोन को बताया कि एक साजिश के तहत दलाल और भ्रष्ट पुलिस वाले फर्जी शिकायतें कर रहे हैं और फिर मामला सुलझाने के नाम पर पैसा वसूल रहे हैं। इस काम में मीडिया की आड़ लेकर कुछ लोग भी शामिल हैं।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब की बैठक में निर्णय लिया गया कि इन साजिशों के खिलाफ पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश सरकार तक यह बात पहुंचाई जाएगी कि किस तरह से तथाकथित मीडिया की आड़ में दलाल और भ्रष्ट पुलिस वाले सरकार की छवि खराब कर रहे हैं। माफियाओं से खाली कराई गई जमीन पुनः कब्जा की जा रही है।
ज्ञापन और मांग करने वाले लोगों में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के अध्यक्ष दिनेश तिवारी, पूर्व अध्यक्ष संदीप तिवारी, पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता, पवन उपाध्याय, पवन पटेल, राजेश मिश्रा, सैय्यद मोहम्मद आमिर, शैलेश कुमार यादव, आरव भरद्वाज, प्रवीण मिश्रा, मोहम्मद लईक, विकास मिश्रा, रंजीत निषाद, नीतीश सोनी, धीरज कुमार, आशीष भट्ट, आयुष श्रीवास्तव, पंकज शुक्ला, सलाउद्दीन उमर, शायमु कुशवाहा, अभिनव केशरवानी, कुलदीप शुक्ला, टी के पांडेय, शिशिर गुप्ता, शकील खान आदि लोग मौजूद थे।
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