अब आपको ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) जाने और बड़ी लाइनों में इंतजार करने की जरूरत नहीं है. केंद्र सरकार द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियम काफी सरल कर दिए गए हैं. अब ड्राइविंग टेस्ट की आवश्यकता नहीं है.ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जरूरी शर्तों में किए गए बदलाव के मुताबिक अब आपको RTO जाकर किसी भी तरह का ड्राइविंग टेस्ट देने की जरूरत नहीं होगी. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इन दिशानिर्देशों की घोषणा की है|
आवेदक नजदीकी केंद्र पर परीक्षा दे सकेंगे, अभी संबंधित आरटीओ में परीक्षा देने का नियम है।
बिना वैध लाइसेंस के वाहन चलाने का जुर्माना 1,000 रुपये से बढ़कर 2,000 रुपये हो जाएगा।
निजी क्षेत्र के संस्थान भी ड्राइविंग टेस्ट आयोजित करने के लिए अधिकृत किए जाएंगे।
नाबालिग को गाड़ी चलाते पाए जाने पर माता-पिता पर 25,000 रुपये जुर्माना और वाहन रजिस्ट्रेशन रद्द होगा।
दोपहिया, तिपहिया और हल्के मोटर वाहनों के लिए ट्रेनिंग सुविधाओं के लिए न्यूनतम एक एकड़ भूमि उपलब्ध होनी चाहिए, जबकि मध्यम और भारी यात्री मालवाहक वाहनों या ट्रेलरों के केंद्रों के लिए दो एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी.
ट्रेनर्स के पास कम से कम 12वीं कक्षा का डिप्लोमा, कम से कम पांच साल का ड्राइविंग अनुभव और यातायात नियमों की अच्छी समझ होनी चाहिए.
हल्के मोटर वाहनों का कोर्स चलाने के लिए अधिकतम 4 सप्ताह और 29 घंटे तक का समय दिया गया है.
21 घंटों के लिए, लोगों को अन्य चीजों के अलावा बेसिक सड़कों, ग्रामीण सड़कों, राजमार्गों, शहर की सड़कों, पार्किंग, रिवर्सिंग और ऊपर और नीचे की ओर ड्राइविंग करना सीखना होगा. इसके अलावा 8 घंटों में इसमें सड़कों पर ट्रैफिक के बीच किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए और ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी, दुर्घटनाओं के कारणों को समझना, प्राथमिक चिकित्सा और वाहन चलाते समय पेट्रोल-डीजल जैसे विषय शामिल होंगे.
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन प्रक्रिया वही रहेगी. लाइसेंस बनवाने को ऑनलाइन और आफॅलाइन, आवेदन किया जा सकता है. आवेदक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ऑफिशियल वेबसाइट – https://parivahan.gov.in/ पर जाकर अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं. हालांकि आवेदन जमा करने के लिए संबंधित RTO भी जा सकते हैं.
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