प्रतापगढ़: जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कैम्प कार्यालय के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में जनपद के गौ आश्रय स्थलों में भूसा संग्रह, गो संरक्षण, भरणपोषण और अस्थायी गौशाला निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
जिलाधिकारी ने सभी विकास खण्डों में संचालित गौ आश्रय स्थलों की संख्या, संरक्षित गोवंशों की स्थिति, चारे की उपलब्धता, और गोवंशों के स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी का विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि 31 जुलाई तक सभी गौशालाओं में पशुओं की ईअर टैगिंग और टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही गौशालाओं में हरे चारे की व्यवस्था के लिए समय से हरे चारे की बुवाई कर ली जाए।
जिलाधिकारी ने गौशालाओं की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और किसी भी कमी को तुरंत दूर करने का आदेश दिया। अस्थायी गौशालाओं के निर्माण कार्य की प्रगति की भी जानकारी ली गई और निर्देश दिया गया कि निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने समस्त अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसामान्य की शिकायतों का समय से निस्तारण किया जाए। इसके अलावा, गोवंशों के भरणपोषण और संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने का सख्त आदेश दिया।
बैठक के अंत में, जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि गो-आश्रय स्थलों का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नवनीत सहारा, अपर जिलाधिकारी त्रिभुवन विश्वकर्मा, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बिरजू सिंह यादव, और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
यह बैठक गोवंशों के संरक्षण और उनके भरणपोषण को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
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