प्रतापगढ़। जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में कल सायंकाल कैम्प कार्यालय के सभागार में ग्राम्य विकास एवं पंचायत विभाग से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस दौरान, जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को मनरेगा कार्यों की मानीटरिंग करने और प्राप्त शिकायतों का निस्तारण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा कार्य करने के हकदार लोगों को ही कार्य दिया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि विकास खण्डों के अंतर्गत होने वाले सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यों की स्वीकृति से पहले स्थल का निरीक्षण अवश्य किया जाए और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। तालाबों की खुदाई और वर्षा के जल को संचय करने के निर्देश भी दिए गए, जिसमें प्रत्येक विकास खंड में 100-100 तालाबों की खुदाई की जानी है।
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा करते हुए खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन लाभार्थियों को आवास की किस्त का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन आवास अब तक पूर्ण नहीं हुआ है, ऐसे लाभार्थियों को नोटिस जारी की जाए और उसके उपरांत आर.सी. जारी करने की कार्यवाही की जाए।
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, बाबा साहब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना, आईजीआरएस पोर्टल और सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत लंबित सन्दर्भों की भी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसके उपरांत, पंचायत विभाग से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों तथा जिला स्वच्छता समिति की बैठक संपन्न हुई। पंचायती राज विभाग के ब्लॉकवार प्राप्तियों और व्यय के भुगतान कार्यों की समीक्षा में पाया गया कि एडीओ पंचायत और डीपीआरओ द्वारा भुगतान कार्यों में लापरवाही और उदासीनता बरती जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एडीओ पंचायत और डीपीआरओ को कड़ी फटकार लगाई और निर्देशित किया कि पंचायती राज विभाग के भुगतान कार्यों में लापरवाही कदापि न बरती जाए, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 में चयनित 20 ग्राम पंचायतों में अंत्येष्टि स्थल निर्माण की समीक्षा की गई, जिसमें बताया गया कि 03 ग्राम पंचायतों में अंत्येष्टि स्थल का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि अंत्येष्टि स्थल के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए और लापरवाही कदापि न बरती जाए। पंचायत भवन निर्माण की समीक्षा में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि पंचायत भवन निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए और जहां जमीन विवाद संबंधी समस्याएं आ रही हैं, वहां उपजिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर समाधान कराया जाए। हैण्डपम्प मरम्मत के संबंध में जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को निर्देशित किया कि हैण्डपम्प मरम्मत की जो भी शिकायतें आ रही हैं, उनका निस्तारण यथाशीघ्र किया जाए।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में ओडीएफ प्लस हेतु चयनित लक्ष्य के सापेक्ष 954 ग्रामों में से 237 ग्रामों को मॉडल ग्राम घोषित किया जा चुका है। अवशेष 717 ग्रामों में कार्य प्रगति पर है। व्यक्तिगत शौचालय निर्माण हेतु प्राप्त आवेदनों के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि लाभार्थियों के आवेदनों का सत्यापन यथाशीघ्र कर प्रथम किस्त की धनराशि निर्गत कर दी जाए। ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु अवशेष ग्रामों की कार्ययोजना पर भी विचार विमर्श किया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नवनीत सेहारा, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा, खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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