भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे आज भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हो गए। अपनी 26 महीनों की सेवा के बाद, आज उनका सेना में अंतिम दिन था। दिल्ली में सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे को रविवार को भारतीय सेना की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले महीने सरकार ने जनरल पांडे के रिटायरमेंट से 6 दिन पहले उनका कार्यकाल एक महीने के लिए बढ़ा दिया था।
वहीं, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आज भारतीय सेना के नए प्रमुख का पदभार संभाल लिया। वह भारतीय सेना के 30वें सेनाध्यक्ष बने हैं। इससे पहले वह भारतीय सेना के उप प्रमुख और उत्तरी सेना की कमान संभाल चुके थे।
जनरल मनोज पांडे देश के 29वें सेना प्रमुख थे। उन्होंने 30 अप्रैल, 2022 को सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभाला था। सेवानिवृत्ति से पहले जनरल मनोज पांडे ने दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। जनरल मनोज पांडे 62 वर्ष की आयु में 31 मई को रिटायर होने वाले थे, लेकिन उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया था।
जनरल मनोज पांडे ने अपनी सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों में भाग लिया, जैसे ऑपरेशन विजय और ऑपरेशन पराक्रम। उन्हें दिसंबर 1982 में कोर ऑफ इंजीनियर्स में कमीशन दिया गया था और उन्होंने यूके के कैम्बरली के स्टाफ कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। उन्होंने आर्मी वॉर कॉलेज दिल्ली और महू, और नेशनल डिफेंस कॉलेज में हायर कमान कोर्स भी किया था।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी, जिन्होंने आज भारतीय सेना के 30वें प्रमुख का पदभार संभाला, पहले सेना के उप प्रमुख थे। 11 जून की रात को केंद्र सरकार ने उपेंद्र द्विवेदी को नए थलसेना अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया था। लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने 19 फरवरी को वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में पदभार संभाला था, और अब वे सेना प्रमुख के रूप में कार्य करेंगे। सेना प्रमुख बनने से पहले उपेंद्र द्विवेदी ने सेना में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जैसे डीजी इन्फेंट्री, नॉर्दर्न आर्मी कमांडर और अन्य कमांड के प्रमुख।
यह बदलाव भारतीय सेना के नेतृत्व में एक नई दिशा की ओर इशारा करता है, और सेना अपने नए प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
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