नई दिल्ली। नीट यूजी परीक्षा को लेकर आज 11 जून मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। छात्रों ने नीट यूजी परीक्षा को रद्द करने की मांग की है और इसी संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में नीट परीक्षा के लीक होने और ग्रेस मार्क्स देने जैसे मुद्दों को उठाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) पर पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाते हुए एनटीए को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि चूंकि परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है, इसलिए हमें एनटीए से इसका जवाब चाहिए। इस मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी, जब एनटीए अपना जवाब प्रस्तुत करेगा।
काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा के परिणामों के आधार पर होने वाली काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। दरअसल, याचिका में नीट परिणाम को रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित कराने और 4 जून को आए परिणामों के आधार पर काउंसलिंग को रोकने की मांग की गई थी। कोर्ट ने इन मांगों को खारिज कर दिया है और काउंसलिंग जारी रहेगी।
परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप
नीट परीक्षा में कई सेंटरों से पेपर लीक होने की खबरें आई थीं। इस बार नीट परीक्षा के 67 टॉपर हैं जिन्हें पूरे 720 अंक मिले हैं और ये सभी एक ही केंद्र के हैं। इन मुद्दों के कारण छात्रों में आक्रोश बढ़ गया है और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ गया है।
आगे की कार्यवाही
सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एनटीए द्वारा जवाब मिलने के बाद अन्य याचिकाओं के साथ इस मामले की सुनवाई 8 जुलाई को होगी।
इस प्रकार, सुप्रीम कोर्ट ने आज नीट यूजी परीक्षा के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए एनटीए से जवाब मांगते हुए काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी।
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