कुंडा विधायक राजा भैया के पिता, राजा उदय प्रताप सिंह, को पुलिस-प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया है। उन्हें उनके भदरी महल में नजरबंद किया गया है और यह हाउस अरेस्ट मोहर्रम तक जारी रहेगा। प्रतापगढ़ पुलिस-प्रशासन मोहर्रम के पर्व को शांति और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने के लिए पूरी तरह से सक्रिय है।
राजा उदय प्रताप सिंह शेखपुर गांव में स्थित हनुमान मंदिर पर मोहर्रम के दिन भंडारे के आयोजन को लेकर चर्चित हैं। दशकों पहले, मोहर्रम के दौरान ताजिया जुलूस के रास्ते में एक बंदर की मौत की बरसी पर भंडारे का आयोजन करने की घोषणा की जाती थी। इसके साथ ही, वे अपने समर्थकों के साथ मंदिर में पूजा-पाठ का आयोजन भी करते हैं।
प्रत्येक वर्ष ताजिया के रास्ते में होने वाली इन गतिविधियों के कारण कुंडा में सांप्रदायिक तनाव बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, प्रतापगढ़ के डीएम और एसपी ने पीस कमेटी की मीटिंग में अपील की थी कि सांप्रदायिक तनाव न बढ़ने दिया जाए।
राजा उदय प्रताप सिंह ने कल मोहर्रम के गेट को लेकर एक ट्वीट किया था, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन ने भदरी महल के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया। महल के बाहर भारी पुलिस-फोर्स तैनात कर दी गई है ताकि किसी भी प्रकार के अशांति को रोका जा सके।
इसके साथ ही, यह खबर सामने आई है कि राजा उदय प्रताप सिंह मोहर्रम पर आम रास्ते में लगे गेट के विरोध में धरने पर बैठने की तैयारी कर रहे थे। धरने पर बैठने से पहले ही प्रशासन ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। मोहर्रम के दो दिन पहले ही उन्हें भदरी किले में नजरबंद कर दिया गया।
राजा उदय प्रताप सिंह ने मीडिया के कैमरे पर अपने बयान में कहा, "धरने पर बैठने के पहले ही प्रशासन ने कर दिया हाउस अरेस्ट। शेखपुर में रास्ते में लगे मोहर्रम के गेट को लेकर है विरोध।" यह पहली बार था जब उन्होंने मीडिया के सामने खुलकर अपने विचार व्यक्त किए और हिंदुत्ववादी विचारधारा पर भी अपने विचार साझा किए।
डीएम डॉ. संजीव रंजन और एसपी डॉ. अनिल कुमार ने मोहर्रम पर्व पर एडवाइजरी जारी की है और कुंडा सहित पूरे जिले में पुलिस-प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। मोहर्रम पर ताजिया जुलूस के रास्ते हनुमान मंदिर पर पूजा पाठ और भंडारे का ऐलान करने से हर साल तनाव बढ़ जाता है, जिसे देखते हुए इस बार भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
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