प्रतापगढ़ जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया है कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा चार धाम यात्रा-2024 हेतु तीर्थ यात्रियों के लिये अनिवार्य पंजीकरण व्यवस्था लागू की गई है। इसके दृष्टिगत यह आवश्यक है कि चार धाम यात्रा पर जाने वाले जनपद के सभी इच्छुक श्रद्धालुजन पंजीकरण कराने के बाद ही वहां जाये। बगैर पंजीकरण यात्रा के लिये जाने पर तीर्थ यात्रियों को असुविधा हो सकती है। मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन द्वारा इच्छुक तीर्थ यात्रियों के लिये एडवाइजरी जारी की गयी है। उन्होने बताया है कि चार धाम यात्रा-2024 के लिये उत्तराखण्ड शासन द्वारा वेबसाइट https://registrationandtouristcare.uk.gov.in/signin.php अथवा मोबाइल ऐप ‘‘टूरिस्ट केयर उत्तराखण्ड’’ पर अनिवार्य पंजीयन की व्यवस्था की गई हैं, हर श्रद्धालु/तीर्थयात्री/पर्यटक जो चारधाम (गंगोत्री, यमुनोत्री, ब्रदीनाथ एवं केदारनाथ) की यात्रा करना चाहते है को वेबसाइट अथवा ऐप पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। चार धाम यात्रा के लिये जिन यात्रियों ने पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नही की है। ऐसे श्रद्धालुओं को चारधाम की यात्रा न करने की सलाह दी जाये, ऐसे यात्री जिनका पंजीयन नहीं है वे निर्धारित चेक प्वाइन्ट्स पर रोक दिये जायेगें और उसके आगे नजीं जा सकेगें। यह आवश्यक है कि तीर्थ यात्री उन तिथियों पर ही यात्रा करें जिसके लिये उन्होने पंजीकरण कराया है। इससे श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने तथा धामों पर व्यवस्था बनाये रखने में मदद मिलेगी। समस्त टूर आपरेटर तथा टै्रवल एजेन्ट यह सुनिश्चित करायें कि उनके ग्राहकों द्वारा यात्रा प्रारम्भ करने से पहले आवश्यक पंजीकरण करा लिया गया है। इससे तीर्थ यात्रा के दौरान असुविधा अथवा किसी प्रकार के व्यवधान को रोकने में सहायता मिलेगी।
पंजीकरण अनिवार्य: यात्री को उत्तराखंड शासन की वेबसाइट https://registrationandtouristcare.uk.gov.in/signin.php या Tourist Care Uttarakhand मोबाइल ऐप पर पंजीकरण कराना आवश्यक है।
अपंग यात्री को यात्रा की अनुमति नहीं: पंजीकृत न होने के कारण अपंग यात्री को यात्रा की अनुमति नहीं होगी।
पंजीकृत तिथियों का पालन: यात्री को उन्हीं तिथियों पर यात्रा करना चाहिए, जिनमें उन्होंने पंजीकरण करवाया है।
टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंटों की जिम्मेदारी: टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंटों को यात्रियों का पंजीकरण सुनिश्चित करना चाहिए ताकि यात्रा के दौरान किसी भी असुविधा को रोका जा सके।
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