प्रतापगढ़। जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय के सभागार में जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। जिला पर्यावरण समिति की बैठक में वर्षाकाल 2024-25 के लिए विभागवार वृक्षारोपण के लक्ष्य आवंटन पर चर्चा की गई। इस बैठक में बताया गया कि जनपद में 51 लाख 30 हजार 605 वृक्षारोपण किए जाएंगे, जिसमें वन विभाग 18 लाख 9 हजार 5, ग्राम्य विकास विभाग 20 लाख 65 हजार 900, कृषि विभाग 3 लाख 93 हजार, उद्यान विभाग 2 लाख 43 हजार, पंचायती राज विभाग 2 लाख, नगर विकास विभाग 1 लाख, लोक निर्माण विभाग 67 हजार, जल शक्ति विभाग (सिंचाई) 59 हजार, माध्यमिक शिक्षा विभाग 21 हजार, बेसिक शिक्षा विभाग 47 हजार, उच्च शिक्षा विभाग 21 हजार, पर्यावरण विभाग 10 हजार, पशुपालन विभाग 7 हजार, सहकारिता विभाग 8 हजार 680, गृह विभाग (पुलिस) 7 हजार, रक्षा विभाग 5 हजार, उद्योग विभाग 15 हजार, राजस्व विभाग 10 हजार, जल निगम ग्रामीण 5 हजार, पर्यटन विभाग 4 हजार, रेलवे विभाग 11 हजार 900 सहित अन्य विभागों को वृक्षारोपण के लक्ष्य आवंटित किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागवार जो भी वृक्षारोपण के लक्ष्य दिए गए हैं, उनके लिए समय रहते स्थलों का चिन्हांकन कर लिया जाए। उन्होंने पौधों की सुरक्षा हेतु संबंधित जिम्मेदारी तय करने और प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करने की भी बात कही। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वर्षाकाल के दौरान लगाए गए सभी वृक्षों की सुरक्षा एवं देखभाल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के दौरान पौधों की सुरक्षा के लिए ट्रीगार्ड, बांस की जाली, ईंट के थाल आदि बनाए जाएं, जिससे पौधे सुरक्षित रह सकें।
डीएफओ को निर्देश दिया गया कि नेशनल हाईवे पर जो भी पेड़ काटे गए हैं, नेशनल हाईवे के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक पेड़ नेशनल हाईवे के किनारे लगाए जाएं। रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर रेलवे विभाग की खाली जमीनों पर भी अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाएं। पर्यावरण विभाग को निर्देशित किया गया कि ईंट भट्ठाधारकों की एक बैठक कराकर निर्देश दिया जाए कि ईंट के लिए मिट्टी जहां से निकाली जाती है, उसे समतल कराकर पौधरोपण कराया जाए। उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपने संसाधनों से तहसील क्षेत्रों के अंतर्गत समुचित व्यवस्था कराकर वृक्षारोपण कराया जाए और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी तय की जाए।
नगर विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि नगर पालिका परिषद बेल्हा और अन्य नगर पंचायतों में वृक्षारोपण किया जाए तथा नगर वासियों को पौधरोपण के लिए प्रेरित किया जाए। सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया कि नहरों के किनारे ऐसे पेड़ लगाए जाएं जिससे बकरी या अन्य जानवरों से नुकसान न हो। पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया कि गौशालाओं में पीपल, पाकड़, बरगद के पेड़ अधिक लगाए जाएं और उनकी सुरक्षा के लिए बांस आदि की जाली लगाई जाए।
बैठक में समाजसेवी रोशन लाल उमरवैश्य ने बताया कि उनके क्लब द्वारा 11 हजार पौधों का रोपण कराया जाएगा। मंदिर परिसरों में मंदिर कमेटी की देखरेख में पेड़ लगाए जाएंगे।
जिला गंगा समिति की बैठक में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत गंगा ग्रामों और उसके आस-पास के ग्रामों में एनएमसीजी के कैलेंडर का अनुसरण करते हुए जनजागरूकता अभियान, गंगा घाट की सफाई, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, और ओजोन संरक्षण के अभियानों पर चर्चा की गई। शहर के सॉलिड वेस्ट मैटेरियल को किसी नाले या नहर में न गिराने और सॉलिड वेस्ट का उपचार कर बायोडिस्पोज्ड की उचित व्यवस्था, टूटे, क्षतिग्रस्त, अस्थाई नालों और सीवेज की मरम्मत, और सीवेज पंपिंग स्टेशन के संचालन को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में पर्यावरण सेना के प्रमुख अजय क्रांतिकारी ने लोनी नदी के पुनरोद्धार हेतु बात रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के उपरांत समाजसेवी रोशन लाल उमरवैश्य ने मां बेल्हा देवी मंदिर पर आयोजित गंगा दशहरा महोत्सव के सफल आयोजन पर जिलाधिकारी को सम्मानित किया।
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नवनीत सहारा, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) त्रिभुवन विश्वकर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी राकेश गुप्ता, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी जे.पी. श्रीवास्तव, जिला विद्यालय निरीक्षक सरदार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राजेश कुमार सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद बेल्हा राम अचल कुरील, पर्यावरण सेना प्रमुख अजय क्रांतिकारी, समाजसेवी रोशन लाल उमरवैश्य और अन्य संबंधित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
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