प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के सदस्य सचिव न्यायिक अधिकारी संतोष कुमार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय, मध्यस्थता केन्द्र, लीगल एड डिफेन्स कौंसिल कार्यालय का विधिवत निरीक्षण किया। सदस्य सचिव के आने से पहले जनपद न्यायाधीश अब्दुल शाहिद ने इन कार्यालयों के अभिलेखों और साफ-सफाई का निरीक्षण किया और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
संतोष कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना तिवारी, अपर सिविल जज सी डी देवेन्द्र कुमार के साथ जिला कारागार प्रतापगढ़ का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जेलर/प्रभारी अधीक्षक अजय कुमार सिंह ने बताया कि जिला कारागार में कुल 844 बंदी हैं, जिनमें 769 पुरुष, 39 महिला, और 36 किशोर बंदी शामिल हैं। विचाराधीन महिला बंदियों के साथ 6 बच्चे भी रह रहे हैं, जिनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है। सबसे छोटा बच्चा 13 दिन का नवजात लड़का आर्यन है, जो अपनी मां के साथ रह रहा है।
निरीक्षण के दौरान सदस्य सचिव ने कारागार में पुस्तकालय, महिला बैरक, बाल चक्र, पाकशाला, लीगल एड क्लीनिक, वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम और जेल परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों से मिलकर उनके विचाराधीन फौजदारी मुकदमों और अपीलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली, ताकि उन्हें आवश्यकतानुसार निःशुल्क विधिक सहायता दिलाई जा सके।
जेल विजिटर ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जागरूक किया। प्रभारी सचिव अपर सिविल जज सी डी देवेंद्र कुमार ने बंदियों को बताया कि जिनके पास मुकदमे और अपीलों की पैरवी हेतु निजी अधिवक्ता नहीं हैं, वे प्रार्थना पत्र के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता की मांग कर सकते हैं, जिसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
उप जेलर आफताब अंसारी ने बताया कि जिस बंदी द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता की मांग की जाती है, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। महिला बैरक में रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य, खाने, कपड़े और दूध आदि की पूरी व्यवस्था की जाती है। निरीक्षण के पूर्व बंदियों को सुबह का खाना दिया जा चुका था और शाम का खाना बन रहा था।
सदस्य सचिव ने जेल अधिकारी को निर्देश दिया कि जिन बंदियों के पास मुकदमे की पैरवी हेतु निजी अधिवक्ता नहीं हैं, उन्हें चिन्हित कर उनके नाम-पते सहित विवरण प्राधिकरण कार्यालय को लिखित में अवगत कराएं और लीगल एड डिफेन्स कौंसिल से समन्वय स्थापित करें ताकि उन्हें निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जा सके।
इस अवसर पर जेलर/प्रभारी अधीक्षक अजय कुमार सिंह, डा. प्रवीन रंजन, उप जेलर आफताब अंसारी, ध्रुव नारायण श्रीवास्तव, शारदा देवी, जेल विजिटर विश्वनाथ प्रसाद त्रिपाठी एडवोकेट, महावीर यादव एडवोकेट चीफ लीगल एड डिफेन्स कौंसिल, अभय सिंह डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेन्स कौंसिल और रजनी गुप्ता असिस्टेंट लीगल एड डिफेन्स कौंसिल उपस्थित थे।
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