प्रतापगढ़ में लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद 60 हजार से अधिक वोटरों के नाम डिलीट होने की खबर से विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा प्रत्याशी और पूर्व सांसद संगमलाल गुप्ता ने मतदान के दिन निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर इस अनियमितता की शिकायत की और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी इसकी जानकारी दी।
23 जनवरी को पहली सूची का हुआ था प्रकाशन
हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के लिए प्रशासन ने 23 जनवरी 2024 को पहली मतदाता सूची का प्रकाशन किया था, जिसमें कुल 18,04,085 मतदाता शामिल थे। इसके बाद विधानसभावार मतदाता सूची का पुनरीक्षण चल रहा था और 4 मई को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया, जिसमें कुल 18,33,312 मतदाता शामिल थे। यह सूची राजनीतिक दलों को भी मुहैया कराई गई थी।
ऐन वक्त पर डिलीट हुए 60 हजार से अधिक वोटर
मतदान के लिए ऐन वक्त पर अधिकारियों और पोलिंग एजेंटों को उपलब्ध कराई गई मतदाता सूची में 60 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम के आगे डिलीट की मुहर लगी हुई थी, जिससे ये वोटर मतदान से वंचित रह गए। इस पर सवाल उठाते हुए भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता ने अपने लीगल एडवाइजर अधिवक्ता विवेक उपाध्याय के माध्यम से निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर अनियमितता का आरोप लगाया।
अनधिकृत तरीके से हटे नाम
अधिवक्ता विवेक उपाध्याय ने बताया कि लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद हजारों वोटरों के नाम डिलीट कर दिए गए, जिनमें अधिकतर भाजपा के वोटर थे। यह प्रक्रिया पूरी तरह से अनधिकृत थी और इसके लिए फार्म 6 (नाम विलोपित करने का फार्म) भी नहीं भरवाया गया था।
वेंडर पर उठाए सवाल
संगमलाल गुप्ता ने निर्वाचन आयोग से शिकायत में मतदाता सूची तैयार करने वाले वेंडर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। आरोप है कि वेंडर ने विपक्षी दलों से साजिश करके ऐन वक्त पर वोटरों के नाम के आगे डिलीट की मुहर लगाई।
डिलीट हुए मतदाताओं की संख्या विधानसभावार
| विधानसभा का नाम |
डिलीट मुहर वाले वोटरों की संख्या |
| रामपुर खास |
11350 |
| विश्वनाथगंज |
13872 |
| सदर |
10252 |
| पट्टी |
9576 |
| रानीगंज |
12476 |
66206 वोटों से मिली थी भाजपा प्रत्याशी को पराजय
लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता को सपा प्रत्याशी डॉ. एसपी सिंह पटेल ने 66206 मतों से हराया था। अब भाजपाइयों का मानना है कि यदि मतदाता सूची में अनियमितता न हुई होती तो परिणाम भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में होता।
संगमलाल गुप्ता, पूर्व सांसद का बयान
संगमलाल गुप्ता ने कहा, "मतदाता सूचियों में बिना नोटिस और निर्धारित फॉर्म 7 भरे ही वेंडरों द्वारा किसी पार्टी विशेष के प्रभाव में आकर लाखों नाम के सामने डिलीट की मुहर लगाने का मामला संज्ञान में आया था। मतदान दिवस को ही प्रकरण की जानकारी वरिष्ठ नेताओं को भी दी गई। प्रक्रिया दूषित करने और कराने वालों पर सक्षम विधिक कार्यवाही कराई जानी चाहिए।"
यह मामला अब बड़ा विवाद बन चुका है और सभी की निगाहें निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों पर हैं कि वे इस पर क्या कदम उठाते हैं।