प्रयागराज में सहायक श्रमायुक्त की अध्यक्षता में बुधवार को अन्तर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में विभिन्न स्टेक होल्डर्स, सरकारी तथा गैर-सरकारी संगठन, एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारी उपस्थित रहे। गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम को रोकने हेतु प्रभावी कार्यवाहियों पर चर्चा करना था।
गोष्ठी में विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों, ईंट भट्ठों, और अन्य क्षेत्रों में बाल श्रम की रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। सहायक श्रमायुक्त, प्रयागराज ने बताया कि जून माह में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली के निर्देशन में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें चिन्हित बाल श्रमिकों के शैक्षिक एवं आर्थिक पुनर्वास हेतु विभिन्न आनुशांगिक कार्यवाही की जा रही है।
चिन्हित बाल श्रमिकों एवं उनके परिवारों को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, जैसे बाल श्रमिक विद्या योजना, से आच्छादित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, सहायक श्रमायुक्त ने यह भी अवगत कराया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का खतरनाक व्यवसायों में कार्य करना पूर्णतः निषेध है, जबकि 14 से 18 वर्ष के किशोरों को उनकी विद्यालय जाने की अवधि के पश्चात कतिपय शर्तों के साथ कार्य कराया जा सकता है।
गोष्ठी में भाग लेने वाले सभी प्रतिनिधियों ने बाल श्रम को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया और इस दिशा में सार्थक कदम उठाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस प्रकार की गोष्ठियाँ और जागरूकता अभियान निस्संदेह बाल श्रम उन्मूलन के प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाएंगे।
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