प्रयागराज, 13 जून: महाकुंभ 2025 की भव्यता को और अधिक आकर्षक बनाने के उद्देश्य से शहर में कई महत्वपूर्ण सौंदर्यीकरण योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत शहर में चार प्रमुख द्वार और 108 स्तंभ लगाए जाएंगे, जो श्रद्धालुओं के अनुभव को दिव्य एवं भव्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मिन्टो पार्क में द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन:
प्रयागराज के मिन्टो पार्क में श्रद्धालुओं को द्वादश ज्योतिर्लिंगों का दर्शन कराने की विशेष व्यवस्था की जाएगी। पार्क के एक चिह्नित स्थल पर 12 दीवारों पर द्वादश ज्योतिर्लिंग चित्रित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन हो सकें। इसके साथ ही पार्क में लैंडस्केपिंग और हरियाली विकसित करने का कार्य भी किया जाएगा। श्रद्धालुओं की जानकारी बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक ज्योतिर्लिंग से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी।
भरद्वाज पार्क में नक्षत्र वाटिका:
भरद्वाज पार्क में नक्षत्र वाटिका की स्थापना की जाएगी, जिसमें 27 नक्षत्रों के हिसाब से 27 प्रकार के महत्वपूर्ण पौधे लगाए जाएंगे। यह वाटिका श्रद्धालुओं को उनके नक्षत्रों के अनुसार वृक्षों की जानकारी प्रदान करेगी और उन्हें प्रकृति के साथ एक विशेष संबंध का अनुभव कराएगी।
108 स्तंभ और 4 प्रमुख द्वार:
अयोध्या के राममंदिर पहुंच मार्ग पर लगाए गए विभिन्न स्तंभों से प्रेरणा लेते हुए, शहर के विभिन्न स्थानों पर फसाड लाइटिंग से सुसज्जित 108 स्तंभ लगाए जाएंगे। इन्हें जीटी जवाहर से फोर्ट द्वार तक, सभी रिवर फ्रंट रोड्स तथा अन्य प्रमुख मार्गों पर स्थापित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, शहर में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत हेतु चार बड़े द्वार भी बनाए जाएंगे। इनमें गंगा द्वार फाफामऊ साइड पर, यमुना द्वार रीवा साइड पर, सरस्वती द्वार वाराणसी साइड पर और शिव द्वार सहसों साइड पर लगाया जाएगा।
महाकुंभ 2025 की तैयारी में शहर का सौंदर्यीकरण और प्रमुख स्थानों पर इन संरचनाओं की स्थापना निस्संदेह श्रद्धालुओं के अनुभव को और अधिक यादगार बनाएगी। इन योजनाओं से न केवल प्रयागराज की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता बढ़ेगी, बल्कि शहर की छवि भी निखरेगी।
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