वाराणसी के लंका थाने पर तैनात महिला रिपोर्टिंग चौकी इंचार्ज अनोभा तिवारी को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद महिला दरोगा ने बचने की भरपूर कोशिश की, लेकिन उनकी कोई चालाकी काम नहीं आई। एंटी करप्शन टीम ने उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर कैंट थाना ले गई।
इस घटना के बाद लंका थाने के साथ-साथ पूरे भेलूपुर सर्कल में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मियों के बीच दबी जुबान में चर्चा होने लगी कि महिला दरोगा को एक अन्य पुलिसकर्मी ने अपने गुस्से का शिकार बना दिया है।
महिला दरोगा अनोभा तिवारी दहेज उत्पीड़न के एक मामले की विवेचना कर रही थीं। इस मामले में बयान लेने के लिए उन्हें दिल्ली जाना था, जिसके लिए उन्होंने 10 हजार रुपये की मांग की थी।
पकड़े जाने के बाद अनोभा तिवारी जोर-जोर से चिल्ला रही थीं कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। उनका कहना था कि उन्हें पैसा देकर फंसाने वाले मुकदमे में फसाना चाहते थे। महिला दरोगा अनोभा तिवारी वर्ष 2019 में मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाई थीं।
इस पूरे मामले पर थाने के अन्य पुलिसकर्मियों ने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से साफ इंकार कर दिया।
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