This website uses cookies to ensure you get the best experience.

गुरुग्राम एनकाउंटर: फाजिल पुरिया की हत्या की साजिश नाकाम, लॉरेंस गैंग पर शक

गुरुग्राम एनकाउंटर: फाजिल पुरिया की हत्या की साजिश नाकाम, लॉरेंस गैंग पर शक

क्राइम

  •  29 Aug 2025
  •  शिवंलेख
  •  10 Min Read
  •  2
  •  1

गुरुग्राम की चमचमाती सड़कों पर 27 अगस्त 2025 की सुबह गोलियों की आवाज़ ने सनसनी फैला दी। मामला कोई आम आपराधिक वारदात नहीं था, बल्कि हरियाणवी और बॉलीवुड सिंगर फाजिल पुरिया को मारने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश था। हरियाणा पुलिस की सतर्कता और ताबड़तोड़ कार्रवाई ने इस माफियाई खेल को उसी वक्त धराशायी कर दिया। लेकिन सवाल यह है कि आखिर फाजिल पुरिया बार-बार बदमाशों के निशाने पर क्यों आते हैं? और क्या इसके पीछे सिर्फ पैसों का लेन-देन है या कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गहरी साजिश?

वजीरपुर में एनकाउंटर: पांच शूटर गिरफ्तार

27 अगस्त की सुबह पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुछ शार्प शूटर गुरुग्राम में सक्रिय हैं और वे फाजिल पुरिया पर हमला करने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही स्पेशल टास्क फोर्स और क्राइम ब्रांच ने वजीरपुर इलाके में नाकाबंदी कर दी।
थोड़ी देर बाद एक इनोवा कार आई, जिसमें पांच बदमाश सवार थे—विनोद उर्फ पहलवान, पदम उर्फ राजा, आशीष उर्फ आशु, गौतम उर्फ गोगी और शुभम उर्फ काला। पुलिस ने कार को रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने 19 राउंड फायरिंग की। मुठभेड़ में चार बदमाश पैरों में गोली लगने से घायल हो गए जबकि एक बिना चोट के पकड़ा गया। सभी को गिरफ्तार कर सेक्टर 10 सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ये सभी शूटर विदेश में बैठे गैंगस्टरों दीपक नांदल और रोहित सिरधानिया के इशारे पर काम कर रहे थे।

यह पहली बार नहीं था जब फाजिल पुरिया को मारने की कोशिश हुई हो। इससे पहले 14 जुलाई 2025 को भी उनकी जान लेने की कोशिश की गई थी।
उस दिन गुरुग्राम के सदन पेरिफेरल रोड पर फाजिल पुरिया की थार गाड़ी पर अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया था।

जुलाई हमला: "फैन" नहीं, शूटर थे पीछा करने वाले

फाजिल पुरिया ने सोचा कि कोई फैन उनकी गाड़ी रोकना चाहता है। लेकिन अचानक टाटा पंच और टाटा हैरियर कार से उतरे नकाबपोश बदमाशों ने उनकी थार पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
राहुल फाजिल पुरिया ने अपनी समझदारी से गाड़ी को रिवर्स में भगाया और जान बचाई। गोली उनकी गाड़ी को छूते-छूते सड़क किनारे रेलिंग में जा लगी।

बाद में पुलिस ने उस टाटा पंच कार को बिलासपुर से बरामद किया, जो सोनीपत के एक व्यक्ति से किराए पर ली गई थी। जांच में एक आरोपी विशाल पकड़ा गया जिसने बताया कि उसने अपने साथी गौतम के साथ मिलकर राहुल की रेकी की थी।

सोशल मीडिया पर धमकी और ₹5 करोड़ का विवाद

इस हमले की जिम्मेदारी सुनील सिरधानिया ने सोशल मीडिया पर ली। उसने दावा किया कि फाजिल पुरिया ने गैंगस्टर दीपक नांदल से ₹5 करोड़ उधार लिए थे, लेकिन लौटाए नहीं। धमकी दी गई कि जब तक पैसे नहीं लौटाए जाते, हर महीने उनके करीबियों को निशाना बनाया जाएगा।

फाजिल पुरिया ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया। उनका कहना था कि—

“अगर दीपक का कोई बकाया है तो सामने आकर हिसाब मांग सकता है। गोली चलवाना कोई तरीका नहीं है।”

दिलचस्प बात यह है कि दीपक नांदल और फाजिल पुरिया कभी साथ काम कर चुके हैं। दीपक हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में म्यूजिक प्रोड्यूसर और रैपर के तौर पर सक्रिय था और दोनों ने कई गाने मिलकर बनाए थे।

लेकिन 3-4 साल पहले फाजिल पुरिया ने दीपक से दूरी बना ली। उनका कहना है कि दीपक गलत संगति में पड़ गया था और उसी रास्ते पर चलते हुए उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा।

सिद्धू मूसेवाला कनेक्शन और लॉरेंस बिश्नोई की धमकी

फाजिल पुरिया सिर्फ पैसों के विवाद में ही नहीं फंसे, बल्कि उनका नाम लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी जुड़ने लगा। उन्होंने सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद इसके खिलाफ बयान दिया था। इसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं। पुलिस ने उन्हें सुरक्षा भी दी थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जुलाई 2025 के हमले से महज 10 दिन पहले उनकी सुरक्षा हटा दी गई थी। सवाल यह उठता है कि क्या यह हमला लॉरेंस बिश्नोई गैंग की उसी रणनीति का हिस्सा था? क्योंकि मूसेवाला की हत्या में भी शूटरों ने गाड़ी का पीछा कर वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस बार पकड़े गए बदमाशों के तार सीधे दुबई में छिपे गैंगस्टरों दीपक नांदल और रोहित सिरधानिया से जुड़े हैं। दोनों वहीं से सुपारी देकर अपने गैंग के जरिए हमला करवा रहे थे।

अब बड़ा सवाल यह है कि—

  • क्या दीपक और रोहित अब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहे हैं?
  • या फिर वे सिर्फ पैसों के विवाद को निपटाने के लिए इस हद तक जा रहे हैं?

फाजिल पुरिया की पीड़ा: "म्यूजिक के बजाय गोलियों से क्यों?"

एक सिंगर जिसकी पहचान उसके गानों से होनी चाहिए, वह लगातार गोलियों और गैंगवार की वजह से सुर्खियों में है। फाजिल पुरिया खुद कहते हैं कि—

“मैंने म्यूजिक बनाया है, मेहनत की है। अगर कोई लेन-देन है तो सामने आकर बात करे। ये गैंगस्टर संस्कृति हमारे समाज और म्यूजिक इंडस्ट्री को बर्बाद कर रही है।”

उनके बयान से साफ झलकता है कि वह इन धमकियों से डरे हुए जरूर हैं, लेकिन हार मानने को तैयार नहीं।

पुलिस की चुनौती: पैसों का विवाद या गैंगवार?

हरियाणा पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है असली वजह का पता लगाना।

  • क्या यह महज ₹5 करोड़ का लेन-देन है?
  • या फिर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का दबदबा कायम रखने की रणनीति?

पुलिस दोनों एंगल से जांच कर रही है। लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।

गुरुग्राम जैसे हाई-टेक शहर में खुलेआम गोलियां चलना और मशहूर कलाकार पर बार-बार हमले होना जनता के मन में डर पैदा कर रहा है। लोग पूछ रहे हैं—

  • क्या बड़े कलाकार भी अब सुरक्षित नहीं हैं?
  • क्या पुलिस सिर्फ एनकाउंटर के बाद ही जागती है?
  • अगर सुरक्षा 10 दिन पहले न हटाई गई होती तो क्या जुलाई का हमला टल सकता था?
  फाजिल-पुरिया-हमला   गुरुग्राम-एनकाउंटर   हरियाणवी-सिंगर-गोलीकांड   लॉरेंस-बिश्नोई-गैंग   दीपक-नांदल-रोहित-सिरधानिया   हरियाणा-पुलिस-STF   बॉलीवुड-सिंगर-पर-हमला   गैंगस्टर-संस्कृति-हरियाणा   सिद्धू-मूसेवाला-हत्या-कनेक्शन   5-करोड़-पैसों-का-विवाद   गुरुग्राम-क्राइम-न्यूज़   हरियाणवी-म्यूजिक-इंडस्ट्री-विवाद   सुनील-सिरधानिया-धमकी   एनकाउंटर-में-गिरफ्तार-शूटर   दुबई-कनेक्शन-गैंगवार   Fazilpuria-attack   Gurugram-encounter   Haryanvi-singer-shooting   Lawrence-Bishnoi-gang   Deepak-Nandal-Rohit-Sirdhania   Haryana-Police-STF   Bollywood-singer-attack   gangster-culture-Haryana   Sidhu-Moosewala-murder-link   5-crore-money-dispute   Gurugram-crime-news   Haryanvi-music-industry-controversy   Sunil-Sirdhania-threat   shooters-arrested-encounter   Dubai-connection-gangwar

कृपया अपने विचार साझा करें :

समाचार खोजें