प्रतापगढ़ जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है। इसे रोकने में तहसील और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं। दिनदहाड़े जेसीबी और लोडर की मदद से मिट्टी का खनन किया जा रहा है, और फिर डंफर और ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए इसे विभिन्न स्थानों पर भेजा जा रहा है।
बिना नंबर प्लेट और ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को नाबालिग चला रहे हैं। इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की तेज रफ्तार के कारण सड़कों पर चलने वाले पैदल यात्रियों, साइकिल और बाइक चालकों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिनदहाड़े खुलेआम मिट्टी का खनन कर पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँचा रहे हैं। साथ ही, ये माफिया कानून के इकबाल को भी सरेआम चुनौती दे रहे हैं।
दिनदहाड़े हो रहे इस अवैध खनन पर कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है। किसी भी अधिकारी को खनन की जानकारी तक नहीं है। यह कहना कि किसी जिम्मेदार अधिकारी को इस खनन की जानकारी नहीं है, सच्चाई से कोसों दूर है। वास्तविकता यह है कि बीते कई महीनों से क्षेत्र में जारी इस अवैध खनन में संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत स्पष्ट रूप से नजर आती है।
प्रशासन की उदासीनता और निष्क्रियता के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। यह गंभीर स्थिति प्रतापगढ़ जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र का मामला है।
प्रशासन की इस निष्क्रियता और माफियाओं की बढ़ती हिम्मत के बीच आम जनता का जीवन संकट में पड़ रहा है। अब देखना होगा कि इस अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन कब जागरूक होता है और कब सख्त कदम उठाता है।
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