समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने 7 साल की सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। गुरुवार को इरफान सोलंकी का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा, जिसमें उन्होंने कानपुर की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को रद्द करने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने अंतिम फैसला आने तक सजा पर रोक लगाने और जमानत पर रिहा किए जाने की भी गुहार लगाई है।
सोलंकी के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय के अनुसार, इस अपील की सुनवाई अगले हफ्ते होने की संभावना है। ज्ञात हो कि सजा मिलने के कारण इरफान सोलंकी की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई है। यदि उन्हें सजा पर रोक की राहत मिलती है, तो उनकी विधायकी वापस हो सकती है।
कानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने 7 जून को सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी और तीन अन्य लोगों को 7 साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी। यह सजा जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी में नज़ीर फातिमा नाम की महिला का घर जलाने के मामले में सुनाई गई थी।
सोलंकी, सीसामऊ सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे, लेकिन सजा के बाद उनकी विधायकी छिन गई है और वे इस समय महाराजगंज जेल में बंद हैं।
इस मामले में सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी, शौकत पहलवान, इसराइल आटे वाला और मोहम्मद शरीफ को 7 साल की सजा के साथ 30 हजार 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। नज़ीर फातिमा ने 8 नवंबर 2022 को जाजमऊ थाने में घर कब्जा करने की मंशा से आगजनी का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद यह कार्यवाही हुई थी।
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