जमीन विवाद में धारदार हथियार से मौलाना फारूक अहमद (65) की निर्मम हत्या कर दी गई आशंका है कि पैसे के लेनदेन में वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपी दूसरे वर्ग का होने के कारण बवाल की आशंका को देखते हुए एसपी सतपाल अंतिल ने आस -पास के थानों की फोर्स मौके पर भेजी है। डीएम संजीव रंजन,एसपी सतपाल अंतिल भी घटना स्थल के लिए रवाना हो गए हैं। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों के घर पर पथराव किया और जमकर तोड़फोड़ की। मौलाना की की लाश आरोपी के दरवाजे के सामने मिलने से गांव में तनाव फैल रहा है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।
घटना का विवरण
घटना शनिवार की है जब मौलाना फारुक, जो कादीपुर गांव में एक मदरसा चलाते थे, अपने गांव सोनपुर आए हुए थे। गांव में उनका कुछ लोगों के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। शनिवार की सुबह कुछ बदमाशों ने मौलाना फारुक को उनके घर के पास ही रोक लिया और उनकी जमीन नापने के लिए फीता लेकर पहुंचे। मौलाना फारुक ने इसका विरोध किया, जिसके बाद बदमाशों ने उन पर फावड़े और रॉड से हमला कर दिया। आरोपियों ने मौलाना फारुक को सरेआम पीट-पीटकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए। मौलाना फारूक अहमद की हत्या से क्षेत्र में तनाव फैल गया है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक सत्यपाल सिंह ने स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
डीएम-एसपी के आवास घेरने पर गांव पहुंचे अधिकारी
50 लाख रुपए मुआवजा, एक सरकारी नौकरी, शस्त्र लाइसेंस और सुरक्षा मुहैया कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने डीएम और एसपी के आवास को घेर लिया। अधिकारियों ने परिवार को आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी मांगे पूरी की जाएंगी।
फूटा लोगों का गुस्सा, बोले- कहां है बाबा का बुलडोजर
सोमवार सुबह मौलाना फारूक अहमद के शव को सड़क पर रखकर सैकड़ों ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और तुरंत आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
परिवार को न्याय मिलना चाहिए: सांसद
सांसद हरिवंश सिंह ने घटना की निंदा की और मृतक के परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि घटना बेहद दुखद है और प्रशासन को जल्द ही दोषियों को पकड़कर सजा दिलानी चाहिए। प्रतापगढ़ सांसद संगमलाल गुप्ता ने मौलाना फारूक अहमद की हत्या को लेकर जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज सुरक्षित नहीं है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए।
परिजन का बयान
मौलाना फारूक अहमद के बेटे शारिक ने कहा कि उनके पिता का गांव के ही कुछ लोगों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। उन्होंने प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की।
बेल्हा में चुनाव रंजिश का इकलौता मामला नहीं
चुनाव रंजिश और जमीनी विवाद के चलते पिछले 48 घंटों में 6 हत्याएं हो चुकी हैं। पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है। मौलाना फारूक अहमद की हत्या ने जिले में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। पुलिस और प्रशासन पर घटना की जांच और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दबाव है। ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी
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