प्रतापगढ़ में एक अपहृत नाबालिग इंटर की छात्रा के परिजनों को पुलिस से इंसाफ नहीं मिलने पर अब मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की धमकी देनी पड़ी है। घटना आसपुर देवसरा थाना इलाके के पूरे दलपत शाह गांव की है, जहां एक 17 वर्षीय छात्रा का 19 जून को अपहरण कर लिया गया था। इस घटना में पट्टी इलाके के सदहा डाही गांव के अजय यादव और उसके भाई अजीत यादव का नाम सामने आया है।
अजय यादव, जो सपा नेता विजय यादव के भतीजे के मर्डर केस में आजीवन कारावास की सजा काट चुका है, ने जेल से जमानत पर छूटने के बाद इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित परिवार न्याय के लिए पुलिस थाने और अफसरों के दरवाजे खटखटा रहे हैं, लेकिन उनकी बेटी का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उन पर समझौते का दबाव बना रही है और दारोगा ने धमकी देते हुए कहा, "पुलिस नहीं, अब सीएम ही तुम्हारी बेटी को खोज कर लाएंगे।"
अपहरण के बाद से परिवार की हालत दयनीय है। अपहृत छात्रा की छोटी बहन दहशत में है और उसने स्कूल जाना छोड़ दिया है। दबंग आरोपी अजीत यादव भी उसे धमकी दे रहा है कि वह उसे भी उठा ले जाएगा। पीड़ित मां अपनी बेटी को खोजने के लिए दर-दर भटक रही है और आरोपी खुलेआम धमकियां दे रहे हैं।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि दबंगों के आगे कैसे बेटियां पढ़ेंगी और कैसे आगे बढ़ेंगी? जब पुलिस ही परिजनों को धमकियां दे रही है, तो इंसाफ कैसे मिलेगा? दबंग आरोपियों पर पुलिस की मेहरबानी और परिजनों की परेशानी ने न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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