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रायबरेली का स्कैमर फंसा हैकर के जाल में: वेबकैम ऑन होते ही खुली पोल, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पूरा मामला

रायबरेली का स्कैमर बना हैकर का शिकार

टेक्नोलॉजी

  •  20 Aug 2025
  •  शिवंलेख
  •  6 Min Read
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ऑनलाइन स्कैमिंग की दुनिया में अक्सर आम लोग शिकार बनते हैं। लेकिन इस बार कहानी बिल्कुल उलटी है। रायबरेली का रहने वाला एक शातिर स्कैमर, जो खुद को माइक्रोसॉफ्ट टेक सपोर्ट बताकर लोगों को सालों से ठग रहा था, उसी का पर्दाफाश एक मशहूर हैकर ने कर दिया। इस हैकर ने न केवल उसका चेहरा उजागर किया, बल्कि उसकी रोज़मर्रा की जिंदगी को भी सोशल मीडिया पर दुनिया के सामने रख दिया।

20 अगस्त 2025 की तारीख इस स्कैमर के लिए सबसे खराब दिन साबित हुई। गौरव त्रिवेदी नाम का यह शख्स रायबरेली के एक अपार्टमेंट से लोगों को ठगने का धंधा चला रहा था। उसका तरीका क्लासिक टेक सपोर्ट स्कैम जैसा था—

  • पीड़ित के कंप्यूटर पर एक फेक पॉप-अप मैसेज दिखाई देता।
  • पॉप-अप में जोर-जोर से आवाज़ आती कि “आपका कंप्यूटर खतरे में है।”
  • डरकर लोग दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करते।
  • कॉल पर बैठे स्कैमर उन्हें AnyDesk या TeamViewer जैसे सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराने को मजबूर करते और पूरा सिस्टम एक्सेस ले लेते।

गौरव ने यही ट्रिक नैनोवेटर नाम के एक हैकर के साथ भी अपनाई। लेकिन यहां स्कैम करने वाला खुद जाल में फंस गया।

नैनोवेटर, जो दुनिया भर के स्कैमर्स को बेनकाब करने के लिए जाना जाता है, ने गौरव को सीधे एक वर्चुअल मशीन का एक्सेस दिया। गौरव को लगा कि वह एक और भोले-भाले यूज़र को ठगने वाला है। लेकिन जैसे ही गौरव ने कंट्रोल लिया, नैनोवेटर ने चालाकी से उसी रास्ते उसके लैपटॉप को हैक कर लिया

इसके बाद जो हुआ, वो और भी दिलचस्प था—

  • गौरव का वेबकैम चालू कर दिया गया।
  • उसकी लाइव रिकॉर्डिंग शुरू हो गई।
  • उसके खाने, सोने और फेक इंग्लिश एक्सेंट में कॉल करने के वीडियो कैप्चर किए गए।

नैनोवेटर ने ट्वीट करते हुए लिखा:
मिलिए गौरव त्रिवेदी से। उसने मुझे स्कैम करने की कोशिश की, लेकिन पैसे लेने की जगह मैंने उसका लैपटॉप हैक कर लिया और उसका वेबकैम ऑन कर दिया।”

गौरव का चेहरा वेबकैम पर साफ दिखाई दे रहा था। साथ ही उसके कॉलिंग सॉफ्टवेयर पर उसका असली नाम भी दर्ज था—Gaurav Trivedi

  • उसके लैपटॉप के वाई-फाई कार्ड से सही लोकेशन ट्रेस की गई।
  • लोकेशन रायबरेली के एक अपार्टमेंट की निकली।
  • नैनोवेटर ने ट्वीट्स में उसका आईपी एड्रेस और सैटेलाइट इमेज भी शेयर कर दी।

यानी अब कोई शक की गुंजाइश नहीं थी कि यह स्कैमर कौन है और कहां से ऑपरेट कर रहा है।

नैनोवेटर ने आखिरकार गौरव को सीधे उसके वेबकैम पर कंफ्रंट किया। वीडियो में साफ दिखता है कि जैसे ही गौरव को एहसास हुआ कि उसकी पोल खुल गई है, वह घबराकर कैमरे से चेहरा छिपाने की कोशिश करता है।

वह बार-बार कैमरा घुमाता है, खुद को छुपाने की कोशिश करता है और अंग्रेज़ी में बुदबुदाता है—
“Why you hiding Gaurav? Look at you… You’re wearing a great shirt right now.”

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया और लाखों लोगों ने इसे देखा।

नैनोवेटर ने अपने ट्वीट थ्रेड में रायबरेली पुलिस को टैग करते हुए लिखा:
“मैंने आपको कई बार ऐसे स्कैम्स की जानकारी दी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिखी। अब ये केस आपके हाथ में है।”

इस पर रायबरेली पुलिस ने जवाब दिया:
“प्रभारी साइबर थाना को जांच और आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया है।”

अब सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस वास्तव में इस स्कैमर पर कार्रवाई करती है या नहीं।

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