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CJP Jaipur Clash News: जयपुर में स्कूल निरीक्षण के दौरान Ashutosh Raka और CJP टीम पर हमला

राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्कूलों की बदहाल व्यवस्था का निरीक्षण करने पहुंची CJP यानी Cockroach Janta Party की टीम और स्थानीय लोगों के बीच बड़ा विवाद और हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। इस घटना में Ashutosh Raka समेत CJP से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट, धक्कामुक्की और वाहनों में तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में अफरा-तफरी, धक्कामुक्की और विरोध की स्थिति दिखाई दे रही है। CJP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन पर पहले से सुनियोजित तरीके से हमला किया गया, जबकि स्थानीय लोगों ने CJP टीम के विरोध में उन्हें गांव और स्कूल परिसर से बाहर निकालने की बात कही है। इस पूरे मामले ने अब राजस्थान की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। CJP Jaipur Clash News के बाद Ashutosh Raka ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर गंभीर आरोप लगाते हुए 48 घंटे के भीतर कार्रवाई की मांग की है।

भैंसों के तबेले में चल रहे स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी CJP टीम

जानकारी के अनुसार, CJP ने राजस्थान के उन सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने का अभियान शुरू किया था, जिनकी स्थिति खराब बताई जा रही है। इसी क्रम में CJP की एक टीम जयपुर के सांगानेर क्षेत्र के रामपुरा इलाके में स्थित एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी। बताया गया कि यह स्कूल ऐसी जगह संचालित हो रहा है, जिसे लेकर लंबे समय से सवाल उठाए जा रहे हैं। CJP कार्यकर्ताओं का दावा है कि स्कूल भैंसों के तबेले के आसपास या उसी परिसर में संचालित हो रहा है और उसकी बिल्डिंग की हालत भी काफी खराब है। Ashutosh Raka ने दावा किया कि वह करीब एक साल पहले भी इस स्कूल की स्थिति देखने पहुंचे थे और उस समय भी स्कूल की हालत खराब थी। उनके अनुसार, एक साल बाद भी स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है। CJP का कहना है कि उनका उद्देश्य स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को सामने लाना और शिक्षा विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित करना था।

निरीक्षण से पहले ही शुरू हुआ विरोध

CJP टीम के जयपुर पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया। रिपोर्ट्स और वीडियो में कुछ लोग CJP कार्यकर्ताओं को स्कूल परिसर और गांव से बाहर जाने के लिए कहते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का आरोप था कि बाहरी लोग स्कूल और गांव के मुद्दे का राजनीतिकरण करने पहुंचे हैं। कुछ लोगों ने CJP के खिलाफ नारेबाजी भी की और संगठन पर देश विरोधी मानसिकता का समर्थन करने जैसे आरोप लगाए। वीडियो में स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती दिखाई देती है। पहले बहस और धक्कामुक्की हुई और इसके बाद मारपीट और वाहनों को नुकसान पहुंचने के आरोप लगे।

CJP का आरोप- पत्थरबाजी हुई, कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया

CJP और Ashutosh Raka ने आरोप लगाया कि उनकी टीम पर सुनियोजित हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके गए, कुछ लोगों को चोटें आईं और वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए। CJP कार्यकर्ताओं के अनुसार, महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी धक्कामुक्की और अभद्रता की गई। संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने दावा किया कि उनके मोबाइल फोन तोड़ दिए गए और कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। घटना के बाद घायल बताए जा रहे एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि वह स्कूल की व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर वहां पहुंचे थे, लेकिन उन पर अचानक हमला कर दिया गया। CJP की तरफ से यह भी दावा किया गया कि उनके कुछ कार्यकर्ताओं के हाथों में गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि, दूसरी तरफ स्थानीय लोगों ने पत्थरबाजी के आरोपों से इनकार किया। कुछ ग्रामीणों का कहना था कि केवल धक्कामुक्की हुई और वाहनों के शीशे भीड़ और धक्कामुक्की के दौरान टूटे। इस तरह CJP Jaipur Clash News में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

Ashutosh Raka ने कहा- यह सुनियोजित और प्री-प्लान्ड अटैक था

घटना के बाद Ashutosh Raka ने इस पूरे मामले को सुनियोजित हमला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि CJP टीम के जयपुर पहुंचने की जानकारी पहले से मौजूद थी और उसी के आधार पर हमला किया गया। Ashutosh Raka ने आरोप लगाया कि वहां पर्याप्त पुलिस व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान CJP कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी नजर नहीं आए और टीम को हिंसा का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इशारे पर यह कार्रवाई कराई गई। हालांकि, यह आरोप Ashutosh Raka और CJP की तरफ से लगाया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। Ashutosh Raka ने कहा कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो उनका आंदोलन केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा।

48 घंटे का अल्टीमेटम, गिरफ्तारी की मांग

CJP की तरफ से कथित हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। Ashutosh Raka ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि स्कूलों में प्रवेश और निरीक्षण को लेकर जारी किया गया आदेश वापस लिया जाए। CJP का कहना है कि अगर सरकार और प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। Ashutosh Raka ने साफ कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन शिक्षा के मुद्दे से आगे बढ़कर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के खिलाफ राजनीतिक अभियान का रूप ले सकता है।

स्कूलों में प्रवेश को लेकर जारी आदेश बना विवाद की वजह

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में राजस्थान के सरकारी स्कूलों के निरीक्षण को लेकर जारी किया गया एक आदेश भी अहम माना जा रहा है। बताया गया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से एक आदेश जारी किया गया था, जिसके तहत किसी व्यक्ति या संगठन को स्कूल परिसर में प्रवेश करने से पहले प्रधानाचार्य की लिखित अनुमति की आवश्यकता होगी। CJP ने इस आदेश का विरोध किया है। संगठन का कहना है कि खराब स्कूलों की स्थिति को सार्वजनिक करने और उनका निरीक्षण करने से रोकने की कोशिश की जा रही है। CJP ने राजस्थान के खराब हालत वाले स्कूलों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने का अभियान शुरू करने की बात कही थी। इसी मुद्दे को लेकर संगठन और राज्य सरकार के बीच टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

CJP Jaipur Clash News: जयपुर में स्कूल निरीक्षण के दौरान Ashutosh Raka को ग्रामीणों ने पीट-पीट कर गांव से भगाया
छवि 1: CJP Jaipur Clash News: जयपुर में स्कूल निरीक्षण के दौरान Ashutosh Raka को ग्रामीणों ने पीट-पीट कर गांव से भगाया

दूसरे स्कूल का निरीक्षण कार्यक्रम रद्द

जयपुर में CJP टीम का एक से अधिक स्कूलों का निरीक्षण करने का कार्यक्रम बताया गया था। लेकिन रामपुरा इलाके में हुई झड़प के बाद दूसरे स्कूल का निरीक्षण कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। CJP कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने पहले से अपने कार्यक्रम की जानकारी दी थी और वे स्कूलों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने पहुंचे थे। घटना के बाद संगठन ने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन को पहले से दौरे की जानकारी थी तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

स्थानीय लोगों ने CJP का विरोध करते हुए लगाए गंभीर आरोप

दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का कहना था कि CJP कार्यकर्ताओं को गांव में प्रवेश करने और स्कूल के मुद्दे को राजनीतिक रूप देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वीडियो में कुछ ग्रामीण CJP कार्यकर्ताओं को वापस जाने के लिए कहते नजर आए। कुछ लोगों ने संगठन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वे उनकी विचारधारा का विरोध करते हैं। महिलाओं सहित कई स्थानीय लोग भी विरोध में शामिल दिखाई दिए। कुछ वीडियो में CJP की महिला कार्यकर्ताओं और स्थानीय महिलाओं के बीच बहस और धक्कामुक्की की स्थिति दिखाई दी। इस दौरान एक पक्ष ने पत्थरबाजी और हमला होने का आरोप लगाया, जबकि दूसरे पक्ष के कुछ लोगों ने पत्थरबाजी से इनकार करते हुए कहा कि केवल हाथापाई और धक्कामुक्की हुई।

गोबर और मिट्टी फेंकने के भी आरोप

घटना से जुड़े वीडियो में कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और CJP कार्यकर्ताओं के बीच बेहद तनावपूर्ण स्थिति दिखाई दी। CJP से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि उन पर मिट्टी और गोबर भी फेंका गया। महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्के देकर वहां से बाहर निकाला गया और अपमानजनक बातें कही गईं। कुछ CJP कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उन्हें आतंकवादी और दूसरे आपत्तिजनक शब्द कहकर संबोधित किया गया। वहीं स्थानीय लोगों ने कहा कि वे बाहरी लोगों के हस्तक्षेप का विरोध कर रहे थे।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। CJP का आरोप है कि हिंसा और तोड़फोड़ के दौरान पुलिस ने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया। मामले पर राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि घटना की जानकारी ली जा रही है और दोषियों के बारे में जांच की जाएगी। सरकार की तरफ से यह भी कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के जबरन स्कूल परिसर में प्रवेश करता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यही बयान अब राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है, क्योंकि CJP का आरोप है कि सरकार कथित हमलावरों के बजाय उनके कार्यकर्ताओं को ही दोषी ठहराने की कोशिश कर रही है।

मदन दिलावर का नाम बार-बार क्यों ले रहे हैं Ashutosh Raka?

Ashutosh Raka इस पूरे मामले में लगातार राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का नाम ले रहे हैं। CJP पहले से ही राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों की स्थिति को लेकर सरकार के खिलाफ अभियान चला रही है। Ashutosh Raka का कहना है कि यदि सरकार का दावा है कि राज्य में स्कूलों की स्थिति बेहतर है तो ऐसे स्कूलों की सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए, जिनकी व्यवस्था अच्छी है। उन्होंने कहा कि CJP उन स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए तैयार है और यदि व्यवस्था बेहतर मिलती है तो संगठन सरकार की तारीफ भी करेगा। लेकिन खराब हालत वाले स्कूलों की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सरकार को जवाब देना होगा। इसी मुद्दे को लेकर CJP और राजस्थान सरकार के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ता जा रहा है।

CJP Jaipur Clash News: अब आगे क्या होगा?

जयपुर में हुई इस झड़प के बाद मामला केवल एक स्कूल के निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा है। अब यह राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों में प्रवेश के नियम, राजनीतिक संगठनों की भूमिका और कानून-व्यवस्था से जुड़ा बड़ा विवाद बन गया है। CJP ने कथित हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की है और प्रशासन को 48 घंटे का समय दिया है। दूसरी तरफ स्थानीय लोगों के विरोध और स्कूल में प्रवेश को लेकर सरकारी नियमों का मुद्दा भी सामने है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि पुलिस जांच में घटना के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाता है और क्या मारपीट, तोड़फोड़ तथा कथित पत्थरबाजी के मामले में एफआईआर और गिरफ्तारी होती है। फिलहाल, CJP Jaipur Clash News, Cockroach Janta Party, Ashutosh Raka और जयपुर में स्कूल निरीक्षण के दौरान हुई हिंसक झड़प का मामला राजस्थान की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी और वास्तविक परिस्थितियों पर अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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