उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए ट्रिपल मर्डर ( Lucknow Triple Murder Case ) ने हर किसी को चौंका दिया है। Divya Mishra Murder मामले में प्रज्ञा मिश्रा (Pragya Mishra), जो कि एक मशहूर पत्रकार हैं, उनकी बहन दिव्या मिश्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी जाती है। और यह हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उनके पति ने गोली मारकर की। इतना ही नहीं, इसके बाद जो कुछ हुआ वह और चौंकाने वाला है। अब Pragya Mishra ने इस पूरे मामले पर बड़ा खुलासा किया है। चलिए इस सिलसिलेवार तरीके से आपको पूरी खबर बताते हैं।
तीन मौतें, एक परिवार और पीछे छूट गया एक ऐसा WhatsApp स्टेटस, जिसमें आरोपी ने अपनी पत्नी पर चीट करने का आरोप लगाया था। आखिर उस दिन क्या हुआ था?
CCTV फुटेज में । बैंक के बाहर दिव्या मिश्रा, जिनकी उम्र 37 साल है, ICICI बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर हैं। दोपहर वह अपनी कार में थी। तभी उनके पति मानस वाजपेई (Manas Bajpai) वहां पहुंचा। पुलिस के मुताबिक मानस ने दिव्या को कार से बाहर बुलाया। बताया जा रहा है कि वह पहले से ही घात लगाकर बैठा था। एक चश्मदीद के मुताबिक मानस ऑटो से आया था और वारदात के बाद उसी ऑटो से वहां से भागा। ऑटो के पीछे नंबर प्लेट भी नहीं था। दिव्या जैसे ही बैंक के अंदर जाने लगीं, मानस ने उन्हें रोक लिया। अब सामने आया CCTV फुटेज इस कहानी को और खौफनाक बना देता है। कैमरे में दिखाई देता है कि मानस दिव्या को बैंक के अंदर जाने से रोकता है। उसे खींच कर बाहर ले जाता है। बैंक के कर्मचारी भी बाहर आते हैं। वो मानस को रोकने की कोशिश करते हैं। लेकिन तभी गोली चल जाती है। कर्मचारी तेजी से पीछे हट जाते हैं। CCTV कैमरा बैंक के अंदर की तरफ लगा था। इसलिए गोली चलने का पूरा दृश्य कैमरे में रिकॉर्ड नहीं हुआ। लेकिन हत्या से ठीक पहले की हाथापाई कैमरे में कैद हो गई और इसके बाद मानस वहां से फरार हो गया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई थी।
Divya Mishra Murder के कुछ ही मिनट बाद मानस अपने घर पहुंचा और यहां कहानी का दूसरा और सबसे बड़ा मोड़ सामने आता है। घर में उसकी 28 साल की बहन तुलिका उर्फ शिवा वाजपेई थी। पुलिस के मुताबिक मानस ने तुलिका की भी गोली मारकर हत्या कर दी। जानकारी के मुताबिक तुलिका मानसिक रूप से कमजोर थी और परिवार के मुताबिक करीब तीन साल से डिप्रेशन से जूझ रही थी और उसका इलाज चल रहा था। पुलिस के अनुसार मानस ने अपनी बहन को इसलिए मारा क्योंकि उसके बाद उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। इसके बाद मानस ने खुद को भी गोली मार ली। यानी कुछ ही वक्त में पत्नी दिव्या की हत्या, बहन तुलिका की हत्या और फिर मानस की आत्महत्या।
लेकिन इस पूरे Lucknow Triple Murder Case का सबसे बड़ा सुराग था एक WhatsApp स्टेटस। पत्नी की हत्या के बाद मानस ने WhatsApp स्टेटस पर एक स्टेटस लगाया था। इसमें उसने दावा किया कि उसने दिव्या को इसलिए मारा क्योंकि उसने उसे चीट किया था, धोखा दिया था। यही दावा अब इस पूरे मामले में रिश्तों के तनाव की तरफ इशारा कर रहा है। पुलिस के मुताबिक मानस और दिव्या की शादी करीब 12 साल पहले हुई थी। दोनों के बीच तनाव चल रहा था। पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि दिव्या अपने पति के मानसिक व्यवहार के कारण उससे अलग रह रही थी। प्रज्ञा मिश्रा ने यह भी कहा कि मानस के पास दो हथियार थे। हालांकि पुलिस की जांच में पारिवारिक विवाद को वारदात की शुरुआती वजह माना जा रहा है और मामले की जांच जारी है।
प्रज्ञा मिश्रा लिखती हैं:
आज दिव्या का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। सुबह 9:00 से 10:00 बजे का वक्त दिया गया। मम्मी को अभी भी बताने की हिम्मत जुटा नहीं पाई। दिव्या की हालत क्रिटिकल है, यह झूठ बताकर बगल में सुला दिया है।
पहली बार लग रहा है कि सच कहना कितना मुश्किल होता है। वो पोस्टमार्टम हाउस के फ्रीजर में है। यह सच मैं नहीं कह पाई। बैंक के सामने हत्या के समय का एक CCTV मिला है। इसमें बैंक कर्मचारियों की भीड़ भाग रही है और हत्यारा हत्या कर रहा है। बैंक में काम करने वाले हत्यारे के पास तीन-तीन रिवॉल्वर कहां से आए? किसने उस तक यह रिवॉल्वर पहुंचाई? किसने उसे इतना जघन्य अपराध करने के लिए प्रेरित किया? हत्यारा कार नहीं चला पाता था, तो कार से आने-जाने वाली थ्योरी कहां से आई? वो ऑटो से हत्या करने आया था। ऑटो से ही भागा, तो कोई दूसरा इनवॉल्व जरूर है। ऑटो वाला कौन था? कोई तो होगा जिसे सबके मर जाने के बाद फायदा हो रहा होगा। पुलिस को खोजना चाहिए।
हत्यारे ने मेरा नाम स्टेटस में लिखा है कि मुझे सब पता था। हां, मुझे पता था कि हत्यारा मेरी बहन के साथ क्रूरता करता था। इसलिए वह उससे अलग होना चाहती थी। Blinkit से मंगाए गए टमाटर में अगर कोई टमाटर खराब निकल जाता था, तो वह उसे यह कहकर पीटता था कि तूने कैसे Blinkit किया कि टमाटर खराब निकला। बकौल मेरी बहन, हत्यारे और उसकी बहन ने मिलकर अपनी माताजी को इतना पीटा था कि उसकी अपनी बीमार मां का निधन हो गया था। दिव्या सिर्फ हत्यारे से अलग होना चाहती थी। मेरी बहन ने मुझे बताया था कि फैमिली कोर्ट में काउंसलर के साथ भी हत्यारे की झड़प हुई थी। मेरी बहन ने बताया था कि शादी की सुहागरात पर हत्यारे ने घर के खर्चों की एक लिस्ट बनाई थी और आधा खर्च उठाने की शर्त रखी थी, जिसे मेरी बहन ने सहर्ष स्वीकार किया था। दिव्या ने पिछले एक साल से अपने हिस्से का खर्च उठाना बंद कर दिया था।
साइको हत्यारे की नजर में यह चीटिंग हो सकती है। मेरी बहन ने मुझे बताया कि उसका पति साइको था, लेकिन इतना बड़ा इसका अंदाजा नहीं था। मुझे वह चीजें पता थीं जो मेरी बहन ने मुझे बताई थीं। इतना सब होने के बाद भी वह तीज का व्रत रखने वाली थी। हाथ में हत्यारे मानस का टैटू नहीं हटवाया था। अंदर ही अंदर वह चाहती थी कि सब ठीक हो जाए। साइको सुधर जाए।
मीडिया इंडस्ट्री में 2017 के पहले पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों में मैं सबसे छोटी हूं। अभी बैठी हूं तो देख रही हूं कि कुछ हमपेशी मेरी बहन की हत्या में राजनीति खोज रहे हैं। 9 वर्षों में मैंने ऐसी पत्रकारिता की है कि जिसकी आलोचना भी करती हूं, उसके सामने खड़े होकर आंख से आंख डालकर बात करती हूं। नजरें नीची करने वाली पत्रकारिता मैंने कभी नहीं की। इसलिए मतभेद रखिए। मतों का अलग-अलग होना जरूरी है। मनभेद मत करिए। आप मुझसे स्नेह करते हों या घृणा, प्रज्ञा मिश्रा ने अपने होशो-हवास में कोई अनैतिक कृत्य न कभी किया है, न करेंगी। हत्यारे ने पहले भी दिव्या का पीछा किया था। स्ट्रेस की वजह से कुछ दिन पहले उसका एक्सीडेंट हुआ था। उसका हाथ और पैर टूट गया था। डेढ़-दो महीने बाद उसने ऑफिस जॉइन किया। वह अभी भी लंगड़ा कर ही चलती थी। आज जब घर से निकली तो लंगड़ा रही थी। दिव्या ने कितनी प्रताड़ना झेली है, उसे जानने वाला हर कोई जानता है। आंखों में आंसू हैं। वक्त यह बस बातें करने का नहीं है, लेकिन आप सबको बताना जरूरी है। तीन CCTV फुटेज हैं। एक में दिव्या घर से जा रही है। दूसरे में लंगड़ाते हुए हत्यारे से लड़ रही है।
और यह घटना करीब 12 से 12:30 बजे की है। हम लोगों को फोन के द्वारा सूचना मिली थी कि उनको गोली मार दी गई है। तब घटनाक्रम कुछ ऐसा था कि ICICI बैंक में वह कार्यरत थीं और उनके पति श्री मानस जी ने उनको बाहर बुलाया था। वहां पर उनकी दो मिनट बातचीत हुई और उसके बाद उन्होंने उनको दो गोलियां मार दीं। जिसके बाद वो वहां से अपने घर चले गए। वहां जाकर उन्होंने अपनी सिस्टर की हत्या की और खुदकुशी कर ली। पूरी प्रक्रिया में यह है कि उनकी करीब 8 से 10 साल पहले शादी हुई थी। करीब 5-6 साल से हमारी सिस्टर दिव्या अपने घर पर रह रही थी, अलग होकर रह रही थी।
करीब 10 या 11 महीने पहले कोर्ट में तलाक के लिए अप्लाई हो चुका है। एक WhatsApp स्टेटस मानस वाजपेयी का वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने प्रज्ञा मिश्रा जी का और उनके पति का जिक्र किया है। उस WhatsApp स्टेटस में यह कहा गया है कि उन लोगों का कोई ऐसा रोल नहीं है। उनको जानकारी नहीं थी। उनका अपना निजी पारिवारिक मामला था, जिसका यह अंजाम हो गया। उसमें उनका कोई इलाज भी चलता था। इलाज नहीं, उनकी सिस्टर मानसिक रोगी थीं। बात सामने आ रही है कि मानस वाजपेयी और उनके बीच में काफी तनाव हुआ करता था। हां, पांच-छह साल से तो दिव्या अलग ही थीं और पहले इन्हीं सब वजहों से वह घर से अलग हुई थीं। क्या कभी मारपीट हुई थी? शायद मारपीट भी हो चुकी थी।
असलहा कैसा था? लाइसेंसी था या नहीं, Lucknow Murder Case में कोई जानकारी नहीं है कि असलहा कैसा था। क्या इससे पहले कभी थाना-दरबार हुआ था? नहीं, कभी ऐसा कुछ नहीं। तो इस तरीके से प्रज्ञा मिश्रा ने पूरी बातें रखी हैं। अब इस मामले में देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या कुछ सामने आता है।