गाजियाबाद के साहिबाबाद में एक अर्धनिर्मित बिल्डिंग में हुई फायरिंग ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। वहीं 17 साल के समीर की संदिग्ध मौत से हड़कंप मच गया। पुलिस की कहानी कुछ और है, लेकिन समीर के परिवार के आरोप कुछ और कहते हैं।
आरोप है कि समीर रील बनाने के लिए गया था और वहां पर उसके साथ पहले मारपीट की गई और फिर उसे गोली मार दी गई। लेकिन समीर के साथ वहां पर क्या हुआ? क्या वाकई में समीर सिर्फ रील बनाने गया था? कैसे गई समीर की जान? यह सवाल सोशल मीडिया से लेकर समीर को जानने या न जानने वालों के भी जहन में है।
खबर साहिबाबाद से है, जहां अथला इलाके में अर्धनिर्मित पार्श्वनाथ बिल्डिंग पर गोली चली और पूरा इलाका गोलियों की आवाज से गूंज उठा। यह वही बिल्डिंग है, जहां 17 साल का समीर पहुंचा था। परिवार का दावा है कि समीर वहां पर रील बनाने गया था। लेकिन कुछ ही देर बाद गोली चलने की खबर आती है।
समीर गंभीर हालत में जमीन पर पड़ा मिला। उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए। एक तरफ मां-बाप के लिए यह एक बहुत बड़ा सदमा है। मां-बाप का कहना है कि समीर रील बनाने के लिए घर से गया था, लेकिन इस तरह उसकी मौत हो जाएगी, इसका उन्हें यकीन नहीं था।
इस पूरे मामले में परिवार ने सिक्योरिटी गार्ड्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समीर के भाई यूसुफ का दावा है कि वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड विवेक यादव और उसके साथियों ने पहले समीर के साथ मारपीट की और उसके बाद उसे गोली मारी गई।
मौके पर मौजूद सलमान ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ वीडियो शूट कर रहा था। उसके मुताबिक, इसी दौरान गार्ड मेन गेट की तरफ से आते हुए दिखाई दिए। वीडियो शूट कर रहे लड़के खेतों की तरफ चले गए। समीर वीडियो सेव करता हुआ पीछे आ रहा था, तभी गार्ड कथित तौर पर भागते हुए वहां पहुंचे।
सलमान के मुताबिक, बाकी लड़के खेतों में कूद गए थे, जबकि समीर अकेला रह गया। आरोप है कि गार्ड ने समीर को अकेला देखकर उस पर गोली चला दी। गोली उसके पेट के पास लगी, जिसके बाद वह वहीं गिर गया। सलमान का दावा है कि इसके बाद गार्ड उसके पास पहुंचे और जहां गोली लगी थी, वहीं दो-तीन लात और घूंसे भी मारे गए।
मौके पर मौजूद युवक के मुताबिक, वीडियो शूट करने के लिए चार लड़के आए थे, जबकि वहां करीब छह गार्ड मौजूद थे। उनका दावा है कि गार्डों के साथ उनका मैनेजर भी मौजूद था।
सलमान ने बताया कि गोली लगने के बाद उसने समीर के बड़े भाई को फोन कर घटना की जानकारी दी और उसे अस्पताल ले जाने के लिए कहा। समीर का भाई मौके पर पहुंचा और उसे अस्पताल लेकर गया, लेकिन बाद में अस्पताल से उसकी मौत की खबर आई।
मौके पर मौजूद लोगों का यह भी दावा है कि इलाके में पहले चोरी की घटनाएं होती रही हैं और सिक्योरिटी गार्ड्स ने युवकों को चोरी करने वाला समझ लिया था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
परिवार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि समीर के शरीर पर कई गोलियों के निशान थे और उसके साथ गोली लगने के बाद मारपीट की गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
समीर नखल का काम करता था और वेल्डिंग का काम भी करता था। परिवार के मुताबिक, उसने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। बताया गया कि वह कानपुर से काम करके कुछ दिन पहले ही लौटा था। परिवार का कहना है कि वह कभी-कभी रील बनाने के लिए आता था।
वहीं पुलिस पूरे मामले में अलग दावा कर रही है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में पता चला कि बिल्डिंग परिसर में तैनात सिक्योरिटी गार्ड विवेक यादव ने अपने लाइसेंसी हथियार से गोली चलाई।
गार्ड का दावा है कि कुछ युवक परिसर से लोहे की सरिया और दूसरा सामान चोरी कर रहे थे। उन्हें डराने के लिए गोली चलाई गई थी। पुलिस के अनुसार, गोली इत्तेफाक से समीर को लग गई।
पुलिस के मुताबिक, थाना साहिबाबाद क्षेत्र में हिंडन पुल चौकी के अंतर्गत आने वाले अरतला क्षेत्र स्थित अर्धनिर्मित पार्श्वनाथ बिल्डिंग परिसर में गोली चलने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस ने तत्काल घटना का संज्ञान लेते हुए मौके पर पहुंचकर जांच की।
जांच के दौरान पता चला कि वहां तैनात सिक्योरिटी गार्ड विवेक यादव ने लाइसेंसी हथियार से गोली चलाई थी, जो समीर पुत्र नबी अहमद को लगी। समीर की एमएमजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि मामले में सिक्योरिटी गार्ड को हिरासत में लिया गया है और उसका लाइसेंसी हथियार भी बरामद कर लिया गया है। सिक्योरिटी गार्ड से पूछताछ में उसने बताया कि कुछ युवक वहां से लोहे की सरिया वगैरह चुरा रहे थे, जिन्हें डराने के उद्देश्य से उसके द्वारा गोली चलाई गई थी।
पुलिस का कहना है कि मृतक पक्ष की ओर से तहरीर प्राप्त कर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
पुलिस ने सिक्योरिटी गार्ड को हिरासत में ले लिया है और उसका लाइसेंसी हथियार भी बरामद कर लिया है। अब पुलिस घटना स्थल के साक्ष्यों, गवाहों और परिवार के बयानों की जांच कर रही है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर समीर सिर्फ रील बनाने गया था तो वहां ऐसा क्या हुआ कि बात गोली चलने तक पहुंच गई? क्या सच में पहले उसके साथ मारपीट हुई थी? क्या गोली जानबूझकर चलाई गई? या फिर यह सिर्फ एक हादसा था?
इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएगा। फिलहाल समीर का परिवार रो-रोकर बुरे हाल में है।
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