दिल्ली में एक बार फिर यूजीसी के नए नियमों, 'UGC Equity Regulation 2026' के विरोध में बवाल देखा गया। रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस पर यूजीसी के नए नियमों के विरोध में प्रदर्शनकारी जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों के इस जमावड़े को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। पुलिस साफ किया है कि इस विरोध-प्रदर्शन के लिए प्रशासन की तरफ से कोई अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को रोका और कुछ को हिरासत में लेने की भी बात सामने आई है। हालांकि पुलिस ने अधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर यूजीसी के मुद्दे और आरक्षण को लेकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान करणी सेना की ओर से केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को खुली चेतावनी दी गई। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए जाने का दावा भी किया गया। प्रदर्शन के दौरान करणी सेना के नेता राज शेखावत ने कहा कि अगर उनके कार्यक्रम की अनुमति में किसी तरह की छेड़छाड़ की गई या प्रदर्शनकारियों को रोका गया, तो देशभर में चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रेन और वाहनों की आवाजाही रोकने की तैयारियां भी की जा रही हैं।
यह बयान फिलहाल एक चेतावनी के तौर पर सामने आया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखना बाकी है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारे लगाए जाने का दावा किया गया। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी को लेकर यह भी चर्चा तेज हो गई है कि जिन लोगों के एक वर्ग को पहले मोदी समर्थक माना जाता था, उनमें से कुछ अब सरकार के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रहे हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखा गया है और दो दिन बाद केंद्रीय मंत्री के साथ उनकी बैठक कराई जाएगी।
हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि क्या आंदोलनकारी इस आश्वासन से संतुष्ट होंगे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि यूजीसी के विवादित प्रावधानों को वापस लिया जाए और UGC Rollback किया जाए। साथ ही आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर सरकार स्पष्ट फैसला करे। अब यह UGC Protest केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है। सवाल यह है कि क्या सरकार अपने नाराज समर्थक वर्ग की चिंताओं को समय रहते दूर कर पाएगी। आने वाले समय में यह भी साफ होगा कि इस आंदोलन और नाराजगी का असर चुनावी राजनीति पर पड़ता है या नहीं।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में भी लिया। दिल्ली के कनोट प्लेस में मौजूद आउटर सर्कल में यूजीसी के दिशा निर्देशों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने यूजीसी की ओर से जारी दिशा निर्देशों को लेकर विरोध जताया और इन्हें वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इन दिशा निर्देशों का शिक्षा व्यवस्था और छात्रों पर असर पड़ सकता है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग आउटर सर्कल में जुटे रहे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। कुछ प्रदर्शनकारियों को डिटेन भी किया गया है।
फिलहाल प्रदर्शनकारियों की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है। अब देखना होगा कि सरकार यूजीसी और आरक्षण से जुड़े विवादित मुद्दों पर कोई नया और बड़ा फैसला लेती है या नहीं।