माफिया अतीक अहमद के बेटे उमर अहमद को लखनऊ जेल से प्रयागराज ले जाते समय नवाबगंज टोल प्लाजा पर जमकर हंगामा हुआ, कोर्ट के आदेश पर उमर को पुलिस सुरक्षा में एक पारिवारिक जनाजे में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया जा रहा था. इसी दौरान काफिला अतीक अहमद के बेटे उमर अहमद (Umar Ahmed) के पीछे चला जा रहा है। उमर अहमद पुलिस की गाड़ी में था और उसके पीछे कम से कम 25 से 30 कारें थीं। इन गाड़ियों में उमर के समर्थक बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इन गाड़ियों ने एक के बाद एक कई कानून तोड़े। गाड़ियों ने टोल नहीं दिया, बैरियर तोड़कर आगे बढ़ गईं और टोल कर्मियों के साथ अभद्रता भी की। प्रयागराज पुलिस ने इन गाड़ियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
एफआईआर कॉपी के मुताबिक, घटना 8 अगस्त की है। दोपहर 3:00 से 4:00 बजे के बीच एनएच-19 के नवाबगंज टोल प्लाजा से उमर अहमद पुलिस की गाड़ी से गुजरा। उसके साथ सिक्योरिटी के लिए कुछ और पुलिस की गाड़ियां भी थीं। शिकायत में बताया गया है कि सरकारी गाड़ियों के गुजरने के बाद करीब 25-30 या उससे भी ज्यादा गाड़ियां उमर के पीछे चली गईं। आरोप है कि इन गाड़ियों में उमर अहमद के समर्थक थे।
एफआईआर में आगे बताया गया है कि ये गाड़ियां तेज स्पीड में थीं। ड्राइवर्स बिना टोल दिए जबरदस्ती आगे बढ़ गए। टोल प्लाजा पर लगे बूम बैरियर्स को तोड़ दिया गया और टोल कर्मियों के साथ बदतमीजी की गई। आरोप है कि कुछ कर्मियों को जान से मारने की धमकी भी दी गई और उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की गई।
प्रतापगढ़ और प्रयागराज पुलिस ने उमर के काफिले में चल रही इन गाड़ियों और उनके ड्राइवर्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
आपको बता दें कि 8 अगस्त को Umar Ahmed को लखनऊ जेल से प्रयागराज ले जाया जा रहा था। उसके छोटे भाई Aban Ahmed के जनाजे के लिए उसे प्रयागराज ले जाया गया था। Aban Ahmed की 6 अगस्त को एक रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। हादसा झांसी में हुआ था। अबान अपने साथियों के साथ प्रयागराज से झांसी के लिए निकला था।
रिपोर्ट के मुताबिक, हाईवे पर कार अनकंट्रोल्ड होकर डिवाइडर से टकरा गई थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से डैमेज हो गया था। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी।
Aban Ahmed उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर और पूर्व सांसद Atiq Ahmed का सबसे छोटा और पांचवां बेटा था। अबान उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी था। अबान और उसके भाई एहजम को नाबालिग होने की वजह से पुलिस ने अपनी कस्टडी में लेकर बाल संरक्षण गृह में रखा हुआ था। अक्टूबर 2023 में कोर्ट के आदेश और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद दोनों भाइयों को बाल संरक्षण गृह से रिहा करके उनकी बुआ की सुपुर्दगी में भेज दिया गया था। लेकिन इसी साल 6 अगस्त को अबान की मौत हो गई।
अब फैमिली बैकग्राउंड की बात करें तो Atiq Ahmed की अप्रैल 2023 में पुलिस हिरासत के दौरान हत्या कर दी गई थी। अतीक अहमद की पत्नी शाहिस्ता फरार हैं। दोनों के पांच बेटे हैं—अबान, उमर, अली, असद और अजम। असद की साल 2023 में झांसी में ही पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी। वहीं उमर और अली अलग-अलग आपराधिक मामलों में जेल में बंद हैं।
अली अहमद को 1 अक्टूबर 2025 को नैनी जेल से झांसी जेल शिफ्ट कर दिया गया था। उमर फिलहाल लखनऊ जेल में है।
तमाम आरोपों के बीच Umar Ahmed से जुड़ा एक और विवाद खड़ा हो गया है। कानून तोड़ने और धमकाने के आरोप में उमर के समर्थकों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी ड्राइवर्स और उनकी गाड़ियों पर जांच शुरू कर दी गई है।