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अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास, भावुक संदेश के साथ खत्म हुआ शानदार करियर

अजिंक्य राणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान किया और रिटायरमेंट का ऐलान भी रोते-रोते किया। अजिंक्य रहणे ने जो वीडियो पोस्ट किया उसमें वह भावुक हो गए। मतलब एक रिटायरमेंट वीडियो में कोई खिलाड़ी इतना भावुक हो जाए पिछले कई सालों में हमने ऐसा नहीं देखा है। लेकिन अजिंक्य रहणे जो कि पिछले 3 साल से टीम इंडिया में अपनी जगह को लेकर जंग लड़ रहे थे। ऐसा लगा वो जंग हार गए। उन्होंने कहा कि ठीक है भाई आप नहीं खिलाओगे मुझे मैं छोड़कर चला जाता हूं। यह एक भावुक स्टेटमेंट है। एक भावुक दिन भी भारतीय क्रिकेट के लिए जिस तरीके से रोते हुए वीडियो वहां पर रहणे का सामने आया। क्या उनके अंदर और क्रिकेट बची थी?

विराट कोहली और रोहित शर्मा के करीबी माने जाने वाले अनुभवी भारतीय बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। वही खिलाड़ी, जिसने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया था, अब अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह चुके हैं।

अजिंक्य रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपने संन्यास का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत एक फर्स्ट क्लास क्रिकेटर के रूप में की, फिर भारत की कैप पहनने का सम्मान मिला। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर देश का नाम रोशन किया, हमेशा टीम और देश को खुद से ऊपर रखा और अब उन्हें लगता है कि संन्यास लेने का सही समय आ गया है।

38 वर्षीय रहाणे ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सभी अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों से संन्यास की पुष्टि की।

अगर उनके टेस्ट करियर पर नजर डालें तो उन्होंने 85 टेस्ट मैचों में 5,077 रन बनाए। उनका बल्लेबाजी औसत 38 से अधिक रहा। उन्होंने 12 शतक और 26 अर्धशतक लगाए, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर 188 रन रहा। भारतीय टेस्ट टीम में एक समय चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे की तिकड़ी को टीम की सबसे मजबूत बल्लेबाजी दीवार माना जाता था। रहाणे ने कई ऐतिहासिक मैदानों पर यादगार शतक लगाए और टीम इंडिया को कई मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला।

वनडे क्रिकेट में रहाणे ने 90 मुकाबलों में 2,962 रन बनाए। उनका औसत 35 से अधिक रहा। इस दौरान उन्होंने 3 शतक और 24 अर्धशतक लगाए तथा उनका सर्वोच्च स्कोर 111 रन रहा। वहीं टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 20 मैचों में 375 रन बनाए, जहां उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 61 रन रहा और उन्होंने एक अर्धशतक भी लगाया।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वह आईपीएल खेलना जारी रखेंगे या नहीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से उन्होंने आधिकारिक रूप से संन्यास ले लिया है।

रहाणे का संन्यास भारतीय क्रिकेट के एक और सुनहरे दौर के अंत का प्रतीक माना जा रहा है। हाल के वर्षों में रविचंद्रन अश्विन ने संन्यास लिया, रोहित शर्मा और विराट कोहली भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदा हो चुके हैं। चेतेश्वर पुजारा पहले ही संन्यास ले चुके थे और अब अजिंक्य रहाणे ने भी अपने करियर पर विराम लगा दिया है। उस दौर के प्रमुख खिलाड़ियों में अब केवल रविंद्र जडेजा सक्रिय हैं।

अजिंक्य रहाणे के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की ऐतिहासिक जीत शामिल है। विराट कोहली के पहले टेस्ट के बाद भारत लौटने पर रहाणे ने टीम की कप्तानी संभाली। एडिलेड टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद भारतीय टीम मुश्किल दौर से गुजर रही थी। कई खिलाड़ी चोटिल हो चुके थे और युवा खिलाड़ियों को मौका देना पड़ा। ऐसे हालात में रहाणे ने मेलबर्न टेस्ट में शानदार शतक लगाया और टीम की शानदार वापसी कराई।

38 साल के अजिंक्य रहणे ने हताश होकर निराश होकर हिम्मत हारकर इंटरनेशनल क्रिकेट से सन्यास का ऐलान कर दिया है। पिछले 3 साल से अजिंक्य रहणे भारतीय टीम में अपनी जगह तलाश रहे थे। लेकिन 2023 के बाद से अजिंक्य रहणे को ऐसा टीम इंडिया से बाहर किया गया कि टेस्ट क्रिकेट में उनकी वापसी कभी नहीं हो पाई। और आज अजिंक्य रहणे ने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट को विराम दे दिया है। उनका अंत कर दिया है और कह दिया है कि भाई इंटरनेशनल क्रिकेट से अब मैं विदा ले रहा हूं। एक भावुक वीडियो पोस्ट किया अजिंक्य रहणे ने। बताया कि वो समय आ गया है कि अब क्रिकेट को छोड़ने का। आप जब किसी चीज की शुरुआत करते हैं उसका अंत भी होता है और अब यहां से मैं साइन ऑफ कर रहा हूं।

हनुमा विहारी और रविचंद्रन अश्विन की यादगार साझेदारी सहित पूरी टीम के संघर्ष के दम पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर 2-1 से हराकर ऐतिहासिक सीरीज अपने नाम की। रहाणे की कप्तानी में भारत ने कुल छह टेस्ट मैच खेले, जिनमें चार में जीत हासिल की। उनकी कप्तानी का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा।

विराट कोहली भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि उन्हें अजिंक्य रहाणे के साथ बल्लेबाजी करने में काफी आनंद आता था। अब रहाणे के संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक यादगार अध्याय का अंत हो गया है। उनके योगदान और उपलब्धियों को क्रिकेट प्रेमी हमेशा याद रखेंगे।

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