भारत में मोबाइल SIM कार्ड को लेकर नियमों की निगरानी और जांच अब और सख्त होने जा रही है। अगर आपके नाम पर पहले से 9 मोबाइल कनेक्शन हैं, तो नया यानी 10वां SIM कार्ड मिलने में रोक लग सकती है। सरकार और Department of Telecommunications (DoT) का फोकस अब यह सुनिश्चित करने पर है कि किसी व्यक्ति के नाम पर जरूरत से ज्यादा या फर्जी तरीके से मोबाइल कनेक्शन एक्टिव न हों।
सामान्य राज्यों में अधिकतम 9 SIM कार्ड
New SIM Card Rules India के तहत सामान्य राज्यों में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन हो सकते हैं। यानी अगर आपके नाम पर पहले से 9 सक्रिय कनेक्शन हैं, तो आपको 10वां नया मोबाइल कनेक्शन जारी नहीं किया जाएगा।
हालांकि, आपके नाम पर 9 वैध SIM कार्ड होना अपने आप में कोई अपराध नहीं है। अगर सभी कनेक्शन नियमों के तहत लिए गए हैं, तो सिर्फ 9 नंबर होने की वजह से उन्हें बंद नहीं किया जाएगा।
क्या 9 SIM होने पर पुराने नंबर बंद हो जाएंगे?
इसका जवाब है—नहीं। अगर आपके नाम पर मौजूद सभी 9 कनेक्शन वैध हैं और निर्धारित सीमा के अंदर हैं, तो उन्हें सिर्फ संख्या के आधार पर बंद नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई उन मामलों में हो सकती है, जहां किसी व्यक्ति के नाम पर निर्धारित सीमा से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन पाए जाते हैं। ऐसे अतिरिक्त कनेक्शन को जांच के दौरान सस्पेंड किया जा सकता है।
सरकार को कैसे पता चलेगा कि आपके नाम पर कितने SIM हैं?
इसके लिए DoT का Digital Intelligence Platform (DIP) अहम भूमिका निभाएगा। इस प्लेटफॉर्म के जरिए अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के ग्राहक रिकॉर्ड को मिलाकर देखा जा सकेगा कि किसी व्यक्ति के नाम पर कुल कितने मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं।
यानी आपके पास अलग-अलग कंपनियों के SIM कार्ड होने से संख्या अलग-अलग नहीं गिनी जाएगी। सिस्टम सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों के कनेक्शन को मिलाकर कुल संख्या देख सकता है।
अब फोटो वेरिफिकेशन भी होगा अहम
नए सिस्टम में Subscriber Photo Verification को भी महत्वपूर्ण बनाया जा रहा है। जिन ग्राहकों के नाम पर कनेक्शन की संख्या निर्धारित सीमा तक पहुंच चुकी है, उनकी प्रतिनिधि तस्वीरों का इस्तेमाल टेलीकॉम ऑपरेटरों को पहचान की जांच मजबूत करने के लिए किया जा सकता है।
इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई व्यक्ति गलत पहचान, फर्जी दस्तावेज या पहचान छिपाकर निर्धारित सीमा के बाद नया SIM कार्ड हासिल करने की कोशिश न करे।
असम, जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट में अलग है नियम
देश के सामान्य राज्यों में जहां अधिकतम सीमा 9 मोबाइल कनेक्शन है, वहीं असम, जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट के कुछ राज्यों और क्षेत्रों में यह सीमा 6 मोबाइल कनेक्शन है।
इसलिए अलग-अलग क्षेत्रों में SIM कार्ड कनेक्शन की अधिकतम सीमा अलग हो सकती है।
सरकार क्यों कर रही है SIM नियम सख्त?
सरकार का मुख्य उद्देश्य फर्जी SIM कार्ड और साइबर अपराध पर लगाम लगाना है। आज मोबाइल नंबर सिर्फ कॉलिंग के लिए इस्तेमाल नहीं होता। यही नंबर बैंक OTP, UPI, WhatsApp, सोशल मीडिया और कई डिजिटल सेवाओं से जुड़ा होता है।
फर्जी पहचान पर लिया गया SIM कार्ड साइबर फ्रॉड, फर्जी KYC, बैंकिंग स्कैम और अन्य डिजिटल अपराधों में इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए सरकार चाहती है कि हर व्यक्ति के नाम पर चल रहे मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी और पहचान को अधिक प्रभावी तरीके से मॉनिटर किया जाए।
आपको क्या करना चाहिए?
अगर आपको नहीं पता कि आपके नाम पर कितने SIM कार्ड सक्रिय हैं, तो इसकी जांच करना जरूरी है। हो सकता है कि आपने कई साल पहले कोई नंबर लिया हो और इस्तेमाल बंद कर दिया हो, लेकिन वह कनेक्शन रिकॉर्ड में अभी भी मौजूद हो।
सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत तब है, जब आपके नाम पर ऐसा नंबर सक्रिय हो जिसे आपने कभी लिया ही नहीं। ऐसे मामलों में तुरंत संबंधित प्रक्रिया के जरिए शिकायत और कार्रवाई करनी चाहिए।
आसान भाषा में समझें नया नियम
- सामान्य राज्यों में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन हो सकते हैं।
- 9 सक्रिय और वैध कनेक्शन होने पर 10वां नया SIM कार्ड नहीं मिलेगा।
- सिर्फ 9 SIM होने की वजह से पुराने नंबर बंद नहीं होंगे।
- निर्धारित सीमा से ज्यादा कनेक्शन मिलने पर अतिरिक्त नंबर पर कार्रवाई या सस्पेंशन हो सकता है।
- DoT डिजिटल प्लेटफॉर्म और फोटो वेरिफिकेशन के जरिए निगरानी को मजबूत कर रहा है।
- असम, जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट के कुछ क्षेत्रों में अधिकतम सीमा 6 कनेक्शन है।
कुल मिलाकर, New SIM Card Rules India का उद्देश्य आम लोगों के वैध मोबाइल कनेक्शन बंद करना नहीं, बल्कि फर्जी SIM, जरूरत से ज्यादा कनेक्शन और साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबरों पर सख्ती करना है।