बिहार की सियासत में अनंत सिंह को लेकर हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई है। इस सिलसिले में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा विधानसभा पहुंचे और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के नाम अनुशंसा पत्र सौंपा। पत्र के साथ करीब 10 पन्नों के दस्तावेज और वीडियो फुटेज भी सबूत के तौर पर दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, उमेश कुशवाहा विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से मुलाकात करने पहुंचे थे, लेकिन उनके विधानसभा में मौजूद नहीं होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष ने विधानसभा सचिव से मुलाकात कर अनुशंसा पत्र और संबंधित सबूत सौंपे। पार्टी ने मांग की है कि अनंत सिंह के खिलाफ जल्द कार्रवाई करते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जाए।
जेडीयू का आरोप है कि अनंत सिंह ने एमएलसी चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ प्रचार किया और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ भी बयान दिए। पार्टी की ओर से इन बयानों और चुनाव प्रचार से जुड़े वीडियो फुटेज को सबूत के तौर पर पेश किया गया है। हालांकि, सदस्यता रद्द करने को लेकर अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।
इस पूरे मामले पर उमेश कुशवाहा ने अपने साथियों और पार्टी के उम्मीदवार सौरभ सिंह गांधी के समर्थन में प्रचार करने वाले कार्यकर्ताओं के प्रति आभार भी जताया।
वहीं, अनंत सिंह के परिवार पर कार्रवाई को लेकर भी बिहार की राजनीति में चर्चा तेज है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी पत्नी नीलम देवी को 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें मिलने वाला राज्य मंत्री का दर्जा भी छिनने की बात सामने आई है।
अब जेडीयू की ओर से अनंत सिंह की विधायकी रद्द करने की मांग को लेकर अनुशंसा पत्र और वीडियो सबूत सौंपे जाने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।