अपना कीवर्ड दर्ज करें...

कुकीज़ और गोपनीयता

हम आपकी ब्राउज़िंग अनुभव को बेहतर बनाने, वेबसाइट ट्रैफ़िक का विश्लेषण करने और सामग्री को व्यक्तिगत बनाने के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं। शिवामलेख न्यूज़ का उपयोग जारी रखने पर आप हमारी कुकी नीति, गोपनीयता नीति और सेवा की शर्तों से सहमत होते हैं।
.

Jharkhand Protest: रांची में JPSC-JSSC छात्रों का विधानसभा घेराव, बैरिकेडिंग तोड़ी, वाटर कैनन के बाद लाठीचार्ज; जानें पूरा मामला

रांची में JPSC-JSSC छात्रों का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव के दौरान बढ़ा तनाव

झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के 17वें दिन सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया। इसी कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में छात्र सुबह करीब 10:30 बजे विधानसभा की ओर बढ़े। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की गई थी।

विधानसभा की ओर बढ़ते छात्रों और पुलिस के बीच धीरे-धीरे तनाव बढ़ा। प्रदर्शनकारियों की ओर से कुछ बैरिकेडिंग हटाए जाने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किए जाने की खबर सामने आई।

17वें दिन विधानसभा घेराव का किया था ऐलान

JPSC-JSSC परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन पिछले 16 दिनों से लगातार चल रहा था। आंदोलन के 17वें दिन छात्रों ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम घोषित किया था। उनका कहना था कि बातचीत के बावजूद उनकी कुछ महत्वपूर्ण मांगों का समाधान अभी तक नहीं हुआ है।

सुबह करीब 10:30 बजे प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा की ओर आगे बढ़ने लगे। प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के इंतजाम कर रखे थे। प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर तक पहुंचने से रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई थी।

सात स्तर की बैरिकेडिंग, छह हटाने का दावा

प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग को लेकर पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी। सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कुल सात स्तर की बैरिकेडिंग की गई थी। इनमें से छह बैरिकेडिंग हटाए जाने की जानकारी सामने आई।

इसके बाद आखिरी बैरिकेडिंग को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अगर अंतिम बैरिकेड भी हट जाता, तो प्रदर्शनकारियों के लिए विधानसभा की ओर आगे बढ़ना काफी आसान हो सकता था।

पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल

प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की ओर से वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में पुलिस को प्रदर्शनकारियों की तरफ पानी की तेज बौछार करते हुए देखा गया।

हालांकि, वाटर कैनन के इस्तेमाल के दौरान प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्र पानी की बौछार के बीच डांस करते भी नजर आए। इससे पहले बिहार में हुए छात्र आंदोलनों के दौरान भी वाटर कैनन के सामने प्रदर्शनकारियों के डांस करने के वीडियो सामने आए थे। रांची में भी कुछ इसी तरह के दृश्य देखने को मिले।

इसके बाद छात्रों पर लाठीचार्ज की खबर

वाटर कैनन के इस्तेमाल के कुछ समय बाद प्रदर्शन स्थल से लाठीचार्ज की खबर सामने आई। वीडियो में पुलिसकर्मियों को भीड़ को पीछे हटाने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश करते हुए देखा गया।

वहीं, कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारियों की तरफ से सुरक्षाकर्मियों की ओर बोतलें फेंके जाने की बात भी सामने आई है। ऐसे में प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता हुआ दिखाई दिया।

हालांकि, पूरे घटनाक्रम में किस परिस्थिति में लाठीचार्ज किया गया और किन परिस्थितियों में प्रदर्शनकारियों की ओर से बोतलें फेंकी गईं, इसका आधिकारिक विस्तृत विवरण सामने आना बाकी है।

छात्र नेता देवेंद्र महतो भी आंदोलन में शामिल

इस आंदोलन में छात्र नेता देवेंद्र महतो भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वह कई दिनों से अनशन पर बैठे हुए थे। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने करीब आठ से नौ दिनों तक भूख हड़ताल की।

विधानसभा घेराव के दिन उनकी तबीयत को देखते हुए उन्हें एंबुलेंस के जरिए प्रदर्शन स्थल तक लाया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने उन्हें अपने कंधों पर बैठाकर आगे बढ़ाया।

देवेंद्र महतो ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन इस स्तर तक नहीं पहुंचना चाहिए जहां छात्रों के शरीर पर चोट लगे या खून बहे।

छात्रों से हिंसा से बचने की अपील

देवेंद्र महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जन्मदिन का जिक्र करते हुए कहा कि इस मौके पर ऐसा कोई घटनाक्रम नहीं होना चाहिए जिससे हिंसा या अराजकता की स्थिति पैदा हो। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने की अपील की।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई है और अगर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है तो वह अलग विषय है, लेकिन प्रदर्शन को हिंसक रूप नहीं लेना चाहिए।

सरकार और छात्रों के बीच हो चुकी है तीन दौर की बातचीत

JPSC-JSSC विवाद को लेकर सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत के कई दौर हो चुके हैं। सरकार की ओर से बताया गया है कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दौर की बातचीत हुई है।

सरकार का दावा है कि छात्रों की अधिकांश मांगों को स्वीकार किया जा चुका है। दूसरी तरफ, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि कुछ अहम मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं। यही वजह है कि छात्रों ने आंदोलन जारी रखा है।

छात्रों का कहना है कि केवल बातचीत पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी मांगों को लेकर ठोस और स्पष्ट समाधान सामने आना चाहिए।

JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा

इस आंदोलन के बीच JPSC से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। 9 अगस्त को आयोग के तीन सदस्यों के इस्तीफा देने की खबर सामने आई थी।

इस्तीफा देने वाले सदस्यों में अनिमा हांसदा, अजीता भट्टाचार्य और जमाल अहमद के नाम बताए गए हैं।

हालांकि, इन इस्तीफों के बावजूद छात्रों ने अपना आंदोलन खत्म नहीं किया। प्रदर्शनकारी अब भी परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार से स्पष्ट कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

विधानसभा सत्र के बीच बढ़ी प्रशासन की चुनौती

छात्रों ने जिस दिन विधानसभा घेराव का ऐलान किया, उसी दौरान विधानसभा का सत्र भी शुरू हो रहा था। ऐसे में प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती थी।

विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस बल की तैनाती की गई और कई स्तरों पर बैरिकेडिंग लगाई गई। छात्रों की भीड़ बढ़ने के साथ सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई।

प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य विधानसभा तक पहुंचकर अपनी मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखना था। वहीं प्रशासन की कोशिश उन्हें विधानसभा परिसर तक पहुंचने से रोकने की रही।

पोस्टर और मीम के जरिए भी छात्रों ने जताया विरोध

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे प्रदर्शन में छात्रों ने पारंपरिक नारों और बैनर के साथ-साथ सोशल मीडिया की भाषा का भी इस्तेमाल किया। प्रदर्शन स्थल पर कई तरह के पोस्टर और मीम नजर आए।

इन पोस्टरों के जरिए छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था, सरकार और अपनी मांगों को लेकर व्यंग्यात्मक अंदाज में विरोध दर्ज कराया। सोशल मीडिया पर लोकप्रिय मीम संस्कृति अब छात्र आंदोलनों में भी विरोध दर्ज कराने का एक माध्यम बनती दिखाई दे रही है।

JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब 17वें दिन विधानसभा घेराव तक पहुंच चुका है। वाटर कैनन और लाठीचार्ज की घटनाओं के बाद आंदोलन का मुद्दा और ज्यादा गंभीर हो गया है।

एक तरफ सरकार का कहना है कि छात्रों की अधिकांश मांगें मानी जा चुकी हैं और बातचीत के कई दौर हो चुके हैं। दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी छात्र कुछ महत्वपूर्ण मांगों पर ठोस समाधान की मांग कर रहे हैं।

ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार और छात्रों के बीच लंबित मुद्दों पर सहमति कब बनती है। अगर दोनों पक्षों के बीच बातचीत से समाधान निकलता है तो आंदोलन समाप्त होने की संभावना बन सकती है। वहीं, मांगों पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में छात्रों का आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।

फिलहाल रांची में सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। विधानसभा घेराव के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के अगले कदम पर सभी की नजर रहेगी।

पिछला समाचार
Shehzad Poonawalla Quits BJP: शहजाद पूनावाला ने क्यों छोड़ी...

संबंधित समाचार