राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बीजेपी के चर्चित राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के पार्टी छोड़ने की अटकलें इन दिनों काफी तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी के लिए यह सबसे बड़ा झटका है जब उनके राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहजाद पूनावाला ने कथित तौर पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया। पूनावाला ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंपा है। अपने फैसले के पीछे उन्होंने निजी कारण बताए हैं। हालांकि अभी तक इस बारे में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ना ही शाहजाद पूनावाला की तरफ से कोई बयान सामने आया। पूनावाला ने अपने एक्स प्रोफाइल के बायो में बीजेपी का जिक्र नहीं किया है। हालांकि उन्होंने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन भर का समर्थक बताया है। पूनावाला ने गुरुवार को अपना बायो अपडेट किया लेकिन उन्होंने इस्तीफे के पीछे की वजह नहीं बताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपना बायो बदला है। उससे बीजेपी का जिक्र हटा दिया। जानकारी के मुताबिक उन्होंने निजी कारणों से बीजेपी से अलग होने का रास्ता चुना। लेकिन वह कारण क्या है? अभी तक सामने यह बात नहीं आई है। पूनावाला ने पार्टी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक शाहजाद पूनावाला ने अपने इस्तीफे के पीछे पर्सनल रीजन बताया है। हालांकि इस फैसले को लेकर अभी तक पार्टी या खुद पूनावाला की तरफ से कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं आई है। लेकिन एक्स पर पूनावाला ने खुद अपना अपडेटेड बायो शेयर किया है। बायो में बीजेपी का जिक्र नहीं है। शाहजाद पूनावाला ने एक्स पर अपने बायो में पीएम मोदी का जिक्र किया। इसमें उन्होंने खुद को पीएम मोदी का आजीवन फॉलोअर बताया। पूनावाला का पूरा बायो कुछ इस तरह से है। धर्म, इस्लाम, संस्कृति, हिंदू विचारधारा, भारतीय लेखक, जीएसटी की यात्रा, पीएम मोदी का आजीवन अनुयाई। इससे पहले दरअसल शाहजाद पूनावाला 2017 में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। कांग्रेस छोड़ते समय उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया को एक दिखावा बताया था।
बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें बड़ी जिम्मेदारी भी मिली। पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया। तब से वह कई मंचों पर मुखर प्रवक्ताओं में से एक रहे। इस बीच शाहजाद पूनावाला ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में राजनीति में अपने सफर को लेकर कुछ संकेत दिए थे। पॉडकास्ट में शाहजाद पूनावाला कहते हुए सुनाई दिए थे कि 2024 के चुनावों के बाद वह राजनीति से सन्यास लेने के विषय के बारे में सोच रहे हैं लेकिन फिर वह रुक गए। इसी इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि 2024 के चुनावों के बाद भी वह अब तक क्यों नहीं रुके?
इस्तीफे को लेकर जल्द ही इस बारे में शाहजाद पूनावाला की ओर से कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट आ सकता है। शाहजाद पूनावाला अपनी बेहतरीन बहस करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। शहजाद पूनावाला बीजेपी के मुखर प्रवक्ता रहे हैं। वह प्रधानमंत्री मोदी के कट्टर समर्थक हैं। सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर उनके बायो में बीजेपी का जिक्र नहीं दिख रहा। वहीं Instagram पर पूनावाला के बायो में अभी भी उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय प्रवक्ता ही बताया गया है। शाहजाद पूनावाला पेशे से वकील हैं और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता भी हैं। शाहजाद पूनावाला ने कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। उस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर आरोप भी लगाया था। राहुल गांधी पर भी आरोप उन्होंने लगाया था। इस सार्वजनिक विवाद के कारण कांग्रेस पार्टी और उनके अपने परिवार के सदस्यों ने उनसे सार्वजनिक रूप से दूरी बना ली थी। इसके बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए। भाजपा ने उन्हें अहम जिम्मेदारी भी दी थी।
कौन हैं शाहज़ाद पूनावाला ?
शहजाद पुणेवाला का जन्म 17 अक्टूबर 1987 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। वे पेशे से वकील और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता हैं। उनके बड़े भाई तहसीन पुणेवाला राजनीतिक विश्लेषक हैं और लंबे समय तक कांग्रेस के समर्थक रहे। दोनों भाइयों की अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराएं भी अक्सर चर्चा का विषय रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है क्या यह इस्तीफा निजी कारणों से दिया गया है या इसके पीछे कोई राजनीतिक वजह भी है?
उन्होंने अपना सियासी सफर कांग्रेस पार्टी से शुरू किया था। साल 2017 में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर खुलकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के लिए पहले से तय थी। इस विवाद के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी। कांग्रेस से अलग होने के बाद शहजाद पुनेवाला बीजेपी में शामिल हुए। पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया साल 2021 में उन्हें दिल्ली बीजेपी के सोशल मीडिया विंग का इंचार्ज भी बनाया गया था। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के बहुत मुखर समर्थक रहे हैं और टीवी डिबेट्स में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखे हमले करते आए हैं। अभी तक बीजेपी की तरफ से या शहजाद पूनावाला की तरफ से इस्तीफे को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।