CJP Protest : जंतरमंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन में पीएम मोदी को अपशब्द कहने वाली नोएडा की लड़की के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। यह कारवाई नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में गाजियाबाद की वकील स्मृति सिंह चंदेल की शिकायत पर हुई। लड़की की पहचान रुचिका सिंह (Ruchika Singh) है। सेक्टर 168 की रहने वाली रुचिका सिंह ने सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री को अपशब्द कहे। पुलिस प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप की अब जांच कर रही है।
दिल्ली के जंतरमंतर पर करीब 37 दिनों तक चला प्रदर्शन जहां एक ओर युवा शक्ति की जीत के लिए जाना गया। तो वहीं प्रदर्शन के दौरान कई ऐसे नारों और बयानों और स्लोगंस ने भी खूब विवाद खड़ा किया जो वायरल भी हुए। इन सबके बीच एक लड़की खूब विवादों में रही जो पीएम मोदी और मैलोनी को लेकर कई विवादित बयान देती ना केवल विवादित बोलती बल्कि गालियों की बौछार कर देती। भाषा ऐसी कि कोई भी शर्मसार हो जाए। पिछले करीब एक हफ्ते से इस लड़की के बयान को शेयर कर लोग घेर रहे थे। उस पर कारवाई की मांग कर रहे होते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आरोपी युवती रुचिका सिंह पर कानूनी कारवाई शुरू हो गई है। नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में एफआईआर दर्ज की गई है जिसे आगे की जांच के लिए नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने को भेज दिया गया है। रुचिका सिंह पर जिन-जिन धाराओं में एफआईआर हुई है उस पर भी बहस शुरू हो गई है। क्या है वह धाराएं और अब क्या होगा रुचिका सिंह का?
दरअसल जीरो एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 23 जुलाई को जंतरमंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह ने प्रधानमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की। शिकायत में कहा गया कि इस बयान से संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और लोक शांति भंग होने की आशंका उत्पन्न हुई। नोएडा पुलिस ने किन-किन धाराओं में यह जीरो एफआईआर दर्ज की है? जरा वो भी जान लीजिए। फिर आपको बताएंगे कि आखिर जीरो एफआईआर होती क्या है? इस एफआईआर में बीएएस की धारा 352, 353, 356 एक के तहत मामला दर्ज किया गया है। 352 मतलब जानबूझकर अपमान करना जिससे शांति भंग होने की आशंका हो और इसके तहत 2 साल तक की जेल और जुर्माना दोनों हो सकता है। 353 एक मतलब झूठी या भड़काऊ सूचना फैलाना जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा हो। इसमें सजा 3 साल तक की जेल और जुर्माना दोनों हो सकता है। 356 एक मानहानि से संबंधित प्रावधान है। जहां पर 2 साल तक की जेल जुर्माना या दोनों हो सकता है।
अब जरा जीरो एफआईआर के बारे में जानिए। जीरो एफआईआर ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी भी थाने में मामला दर्ज किया जा सकता है। भले ही घटना उस थाना क्षेत्र में ना हुई हो। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत एफआईआर को संबंधित क्षेत्रधिकार वाले थाने में जांच और आगे की कारवाई के लिए भेजा जाता है। दरअसल इस केस में घटना नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना क्षेत्र में हुई। जिसके बाद नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना में एफआईआर दर्ज करवाई गई। इसलिए इसे जीरो एफआईआर के तहत दर्ज कर इस मामले को आगे ट्रांसफर किया गया। फिलहाल इस पूरे मामले में आगे की जांच नई दिल्ली पुलिस कर रही है। सोशल मीडिया पर अब इसको लेकर भी अलग-अलग तरह की बातें छिड़ी हुई हैं।